सोनभद्र। जनपद की चारों तहसीलों में मई माह के तृतीय शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। घोरावल तहसील में आयोजित कार्यक्रम में डीएम चर्चित गौड़ एवं एसपी अभिषेक वर्मा ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं और अधिकारियों को शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं से फीडबैक भी लिया जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो और प्रकरणों का समाधान पारदर्शी ढंग से किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए स्थलीय जांच कर निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। घोरावल तहसील में कुल 183 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 9 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि 6 मामलों में टीम को क्षेत्र में भेजकर समाधान कराया गया। इस प्रकार कुल 15 मामलों का निस्तारण हुआ, जबकि शेष 168 प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए। इस दौरान उप जिलाधिकारी आशीष कुमार त्रिपाठी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। रॉबर्ट्सगंज तहसील में उप जिलाधिकारी अश्वनी कुमार की अध्यक्षता में समाधान दिवस आयोजित हुआ। यहां कुल 147 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 22 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष 125 मामलों के शीघ्र समाधान के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।read more:https://pahaltoday.com/demand-for-construction-of-pwd-road-was-raised-in-the-village-chaupal-district-development-officer-heard-the-grievances-of-the-villagers/ओबरा संवाददाता के अनुसार, ओबरा तहसील में उप जिलाधिकारी विवेक कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाधान दिवस सम्पन्न हुआ। यहां कुल 62 शिकायतें प्राप्त हुईं। 3 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि 2 मामलों में टीम भेजकर समाधान कराया गया। इस प्रकार कुल 5 मामलों का निस्तारण हुआ तथा 57 मामलों को समयबद्ध निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को सौंपा गया। दुद्धी संवाददाता के अनुसार, दुद्धी तहसील में उप जिलाधिकारी निखिल यादव की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में कुल 47 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 1 मामले का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि शेष 46 मामलों के गुणवत्तापूर्ण समाधान के निर्देश दिए गए। इस प्रकार चारों तहसीलों में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 439 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 43 शिकायतों का मौके पर अथवा टीम भेजकर निस्तारण किया गया, जबकि बाकी मामलों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।