पीएम मोदी की अपील मानने को तैयार नहीं सांसद महतो

धनबाद। खाड़ी देशों से पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति बाधित होने और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ते दबाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन की खपत कम करने की विशेष अपील की है। प्रधानमंत्री ने नेताओं और मंत्रियों से भी आग्रह किया है कि वे अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम करें ताकि राष्ट्रीय स्तर पर संसाधन बचाए जा सकें। इस अपील के बाद जहां कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने काफिले छोटे किए हैं, वहीं धनबाद में इसे लेकर अलग प्रतिक्रिया सामने आई है। धनबाद के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने प्रधानमंत्री की पहल का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे स्वयं अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटाकर इस बचत मुहिम का हिस्सा बनेंगे। हालांकि, इसी दौरान उनके बगल में बैठे धनबाद के भाजपा सांसद ढुलू महतो ने इस मुद्दे पर अपनी गंभीर सुरक्षा चुनौतियों का हवाला दिया। गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ढुलू महतो की सुरक्षा संवेदनशीलता को देखते हुए उन्हें पहले ही वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है, जिसमें सीआरपीएफ के जवान तैनात रहते हैं। अब उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छिड़ गई है।read more:https://pahaltoday.com/ganja-mafias-empire-in-bindki-kotwali-area-illegal-business-running-openly-in-bindki-kotwali-area-responsible-people-silent/जहां एक पक्ष इसे एक जनप्रतिनिधि की वास्तविक सुरक्षा चिंता मान रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे सरकार की बचत अपील के विपरीत देख रहा है। बहरहाल, अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच शुरू हुई यह ईंधन बचत मुहिम अब सुरक्षा और राष्ट्रहित के बीच एक नई बहस का केंद्र बन गई है। तो माफिया हमला कर देंगे जब सांसद ढुलू महतो से काफिला कम करने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने सुरक्षा की मजबूरी बताते हुए कहा कि यदि उन्होंने वाहनों और सुरक्षाकर्मियों की संख्या घटाई, तो माफिया उन पर हमला कर सकते हैं। महतो ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें धनबाद के रसूखदार माफिया घरानों से लगातार जान का खतरा बना रहता है और मौका मिलते ही उनकी हत्या की साजिश रची जा सकती है। उन्होंने तर्क दिया कि धनबाद जैसे संवेदनशील और अपराध प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा कारणों से काफिले के साथ चलना उनके लिए विलासिता नहीं, बल्कि जरूरत है।

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