देवरिया में ‘गविष्टि धर्मयुद्ध’ का तीसरा दिन संपन्न, वैकुंठपुर में शंकराचार्य का बड़ा बयान — गौ रक्षा पर कड़े कानून की मांग

देवरिया। जनपद के वैकुंठपुर स्थित श्री राम मंदिर परिसर में ‘गविष्टि (गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध)’ के तृतीय दिवस पर आयोजित विशेष गोष्ठी में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने गौ रक्षा को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखी टिप्पणी करते हुए ठोस नीति और सशक्त कानून बनाने की मांग उठाई। कार्यक्रम में विद्वानों, संस्कृत विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।read more:https://khabarentertainment.in/vitamin-d-and-future-brain-health-in-middle-age-a-study-based-analysis-dr-archita-mahajan/
यात्रा के दौरान मुंडेरा बाबू, बंजरिया चौराहा रोड, कंचनपुर चौराहा, कसया रोड, सोनुघाट चौराहा एवं लक्ष्मी नारायण मंदिर-शिवबनकटा सहित विभिन्न स्थानों पर लोगों ने उत्साहपूर्वक स्वागत करते हुए गौ रक्षा का संकल्प लिया। अपने संबोधन में शंकराचार्य जी ने कहा कि गौ रक्षा केवल नारा नहीं बल्कि भारतीय समाज का सांस्कृतिक दायित्व है। उन्होंने गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ घोषित करने की मांग दोहराते हुए कहा कि इस दिशा में प्रतीकात्मक नहीं बल्कि ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी अभिलेखों में ‘गाय’ को ‘मवेशी’ या ‘cattle’ के रूप में दर्ज करना उसकी गरिमा के विपरीत है। राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा सभी को आड़े हाथों लिया और कहा कि देश में मूल सनातनी विचारधारा की राजनीति का अभाव है। उन्होंने गृहस्थ सनातनियों से आगे आकर वैदिक परंपराओं पर आधारित राजनीतिक नेतृत्व विकसित करने का आह्वान किया। शंकराचार्य जी ने स्पष्ट किया कि साधु-संत प्रत्यक्ष रूप से सत्ता पद ग्रहण नहीं करते, लेकिन समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि 81 दिनों की यात्रा के बावजूद सरकार द्वारा गौ संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आगामी 24 जुलाई को लखनऊ में एक विशाल जनसमूह के साथ आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी। उन्होंने बताया कि महाभारत के अनुसार चतुरंगिनी सेना में 2,18,700 सैनिक होते हैं और इसी संख्या के साथ ‘अक्षौहिणी सेना’ के रूप में यह अभियान आगे बढ़ेगा। साथ ही उन्होंने लोगों से 1008.guru पर पंजीकरण करने का आह्वान किया।  कार्यक्रम के अंत में ऋग्वेद के मंत्र “अहं अनं वृत्रं गविष्टो” के साथ सामूहिक शपथ ली गई, जिसमें उपस्थित जनसमुदाय ने गौ रक्षा के लिए संकल्प लिया। इस अवसर पर आयोजन समिति ने सभी उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की जानकारी शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय द्वारा दी गई।

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