आधी रात केमिकल फैक्‍ट्री से रिसी गैस से लोगों को सांस लेने में हुई दिक्कत

पुणे। महाराष्‍ट्र के पुणे में स्थित केमिकल फैक्‍ट्री से गैस रिसाव होने से खलबली मच गई। गंगाधाम चौक इलाके में बुधवार आधी रात को केमिकल फैक्‍ट्री में गैस रिसने से इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक फैक्‍ट्री के एक टैंक से अचानक गैस लीक होने लगी, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस घटना में करीब 20 लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई, जिनमें से कुछ को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गैस लीक की घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। गैस के प्रभाव को कम करने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए फायर ब्रिगेड के करीब 30 जवानों ने बीए सेट पहनकर ऑपरेशन चलाया। इस दौरान फायर ब्रिगेड के एक अधिकारी और एक जवान भी गैस के संपर्क में आने से प्रभावित हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन के मुताबिक फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। एहतियात के तौर पर इलाके की निगरानी की जा रही है, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो।read more:https://pahaltoday.com/lalitpur-journalists-first-pledge-to-donate-body/ स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी असामान्य स्थिति की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें। पुणे की ताजा घटना की पुलिस अब जांच कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि क्या सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी। इन जरूरी कर्मचारियों को बेहतर सुरक्षा उपकरण, सही ट्रेनिंग और उचित मुआवजा मिलना चाहिए, ताकि उन्हें ऐसे हालात में बेसहारा और असुरक्षित न छोड़ दिया जाए। बता दें कुछ दिनों पहले भी पुणे में जहरीली गैस से बड़ा हादसा हुआ था। पुणे में एक नाले की सफाई करने उतरे यूपी के तीन प्रवासी सफाई कर्मचारी जहरीली गैस की चपेट में आ गए थे। इस जहरीली गैस के कारण दम घुटने से तीनों लोगों की मौत हो गई थी। साल 2017 से लेकर अब तक पूरे देश में 620 से भी ज्यादा सफाई कर्मचारियों की जान जा चुकी है। ये आंकड़े साफ बताते हैं कि उनका काम कितना जोखिम भरा है और इसकी अनदेखी की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक जहरीली गैस की चपेट में आने से जान गंवाने वालों या गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को एक और तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इन त्रासदियों के बाद भी कई परिवारों को वे सहारा नहीं मिल पाता है जिसके वे हकदार हैं। अब तक 52 परिवारों को कोई मुआवजा नहीं मिला है। यूपी और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं।

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