गाजीपुर जखनियां। भुड़कुड़ा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सभा जलालपुर धनी स्थित मठिया गांव में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव इन दिनों पूरे इलाके में आस्था और आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
कथा के चौथे दिन युवा संत सर्वेश जी महाराज ने व्यासपीठ से शरणागति और भक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान की शरण ही मानव जीवन के कल्याण का वास्तविक मार्ग है। उन्होंने सामाजिक समरसता पर बल देते हुए कहा कि जब व्यक्ति एक-दूसरे के प्रति सद्भावना रखे और मानवता को प्राथमिकता दे, तभी सच्चे संतत्व और सत्संग की शुरुआत होती है।read more:https://worldtrustednews.in/officials-are-unaware-that-rs-90000-was-withdrawn-in-the-name-of-boring/अपने प्रवचन में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी को कष्ट पहुंचाकर या नकारात्मक भाव से की गई पूजा केवल आडंबर है। सच्चा भक्त वही है जो दया, सेवा और प्रेम के मार्ग पर चलता है। “बिन सत्संग विवेक न होई, राम कृपा बिनु सुलभ न सोई” का भावार्थ समझाते हुए उन्होंने सत्संग, संत संगति और मानव सेवा को सर्वोपरि बताया। इस अवसर पर पीठाधीश्वर श्री महादेव राजेश्वर नाथ ठाकुर, लक्ष्मी नारायण मंदिर कुसम्ही कला, नंदगंज (गाजीपुर) की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन गांव और समाज को नई दिशा देते हैं तथा संतों का सानिध्य जीवन को सार्थक बनाता है।
कार्यक्रम में रमेश गिरी, राजेश गिरी, पारस गिरी, संजय गिरी, अभय सिंह, हीरा गिरी, अशोक गिरी सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।