एंटी लार्वा छिड़काव में लापरवाही से बढ़ा संचारी रोगों का खतरा, जिम्मेदार बने मूकदर्शक

गाजीपुर जमानियां। संपूर्ण स्वच्छता एवं संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत नगर पालिका परिषद द्वारा प्रतिदिन सफाई कार्य तो कराया जा रहा है, लेकिन संचारी रोगों की रोकथाम के लिए जरूरी एंटी लार्वा दवा के छिड़काव में गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। इससे क्षेत्र में मच्छरों के प्रकोप के साथ संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है।read more:https://pahaltoday.com/lok-sabha-achieved-75-success-rate-by-passing-9-out-of-12-bills-om-birla/
नगर के विभिन्न वार्डों और कस्बा बाजार में सफाई कर्मचारी नियमित रूप से कूड़ा उठाने और नालियों की सफाई करते नजर आते हैं, लेकिन एंटी लार्वा छिड़काव के अभाव में यह अभियान अधूरा साबित हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी इस महत्वपूर्ण पहलू पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और मूकदर्शक बने हुए हैं। हालांकि सफाई कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर कूड़ा संग्रहण के साथ-साथ लोगों को संचारी रोगों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि कई लोग कूड़ा उठाने के बाद भी पुनः अपने घरों और छतों से कचरा सड़कों व नालियों में फेंक देते हैं, जिससे गंदगी और जलजमाव की समस्या बढ़ जाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे लोगों के खिलाफ जुर्माना लगाने का प्रस्ताव पालिका बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नालियों और नालों की नियमित व समुचित सफाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही नगर के विभिन्न क्षेत्रों में बैनर लगाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वे साफ-सफाई बनाए रखें और संचारी रोगों से बचाव के उपाय अपनाएं।
स्थानीय नागरिकों—उमेश सिंह कुशवाहा, फरमान सिद्दीकी, इरफान खान, हेमंत यादव, एडवोकेट मेराज हसन, एडवोकेट मोहम्मद इमरान नियाजी, वीरेंद्र कुमार, शशिकांत बर्नवाल, रितेश वर्मा, आजाद वर्मा, लक्ष्मण राम और मोबिन शाह—ने प्रशासन से मांग की है कि कीटनाशक दवाओं का नियमित छिड़काव सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि जहां जल निकासी की समस्या है और पानी जमा रहता है, वहां तत्काल प्रभाव से एंटी लार्वा और अन्य दवाओं का छिड़काव कराया जाना चाहिए, ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके। नगर की मलिन और पिछड़ी बस्तियों में स्थिति और अधिक चिंताजनक बताई जा रही है, जहां नियमित दवा छिड़काव और फॉगिंग की सख्त जरूरत है। नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग और पालिका प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की भी मांग की है। वहीं, पालिका अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता ने दावा किया कि संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए मच्छर नियंत्रण अभियान के तहत कीटनाशक दवाओं का छिड़काव और फॉगिंग लगातार कराई जा रही है और आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और अभियान को प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। इसके बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है, जिससे स्पष्ट है कि कागजी दावों और वास्तविक कार्यों के बीच अंतर को पाटना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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