नई दिल्ली। पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 12,980 करोड़ रुपए के ‘भारत मेरीटाइम इंश्योरेंस पूल’ को मंजूरी दी गई है। इस फैसले का मकसद भारतीय जहाजों और माल ढुलाई को हर तरह के जोखिम से बीमा सुरक्षा देना है। इसमें जहाज, मशीनरी, कार्गो, प्रोटेक्शन एंड इंडेम्निटी और युद्ध जैसे जोखिम शामिल किए गए हैं। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और समुद्री मार्गों में बढ़ते खतरे को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय बीमा कंपनियां जहाजों को कवर देने से पीछे हटने लगी थीं। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील इलाकों में बीमा मिलना मुश्किल था। इस स्थिति ने भारत के व्यापार और शिपिंग सेक्टर के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। केंद्र सरकार के इस फैसले से अब भारत आने-जाने वाले जहाजों को सस्ती और लगातार बीमा सुविधा मिल सकेगी। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में रुकावट नहीं आएगी और आयात-निर्यात सुचारु रूप से चलता रहेगा।read more:https://khabarentertainment.in/accidents-are-occurring-due-to-the-road-being-dug-up-and-abandoned-after-25-years/ यह कदम खास तौर पर उन मार्गों के लिए अहम है, जहां जोखिम ज्यादा है लेकिन व्यापार भी जरूरी है। इस पूल के जरिए भारत अपने बीमा सिस्टम को भी मजबूत कर सकेगा। अब तक भारतीय जहाजों को तीसरे पक्ष की जिम्मेदारियों के लिए विदेशी बीमा समूहों पर निर्भर रहना पड़ता था। नए सिस्टम से भारत के अंदर ही अंडरराइटिंग, क्लेम मैनेजमेंट और कानूनी विशेषज्ञता विकसित होगी, जिससे आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस पूल में कई कंपनियां शामिल होंगी। इनकी संयुक्त क्षमता से करीब 100 अरब डॉलर तक का कवरेज उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे बड़े जोखिम वाले मामलों को भी संभालना आसान होगा और भारतीय बाजार की ताकत बढ़ेगी। ‘भारत मेरीटाइम इंश्योरेंस पूल’ भारत के लिए एक रणनीतिक कदम है, जो वैश्विक संकट के बीच देश की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करेगा। इससे न सिर्फ व्यापार को स्थिरता मिलेगी, बल्कि भारत का शिपिंग और बीमा सेक्टर भी नए स्तर पर पहुंच सकेगा। आने वाले समय में यह पहल भारत को समुद्री क्षेत्र में और मजबूत बना सकती है।