केंद्र सरकार ने डा अंबेडकर की स्मृति में पांच तीर्थ स्थलों का कराया है निर्माण

सोनभद्र। नगर के मण्डी समिति परिसर में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जन्म जयंती अभियान के अन्तर्गत विधानसभा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि जिला प्रभारी अनिल सिंह, विशिष्ठ अतिथि सदर विधायक भूपेश चैबे व नगर पालिका अध्यक्ष रुबी प्रसाद उपस्थित रहीं ।कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यक्रम संयोजक/जिला मंत्री मनोज सोनकर व संचालन जिला महामंत्री शारदा खरवार ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अनिल सिंह ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्यप्रदेश के महू में हुआ था। बाबा साहब ने मूक नामक बहिष्कृत भारत जैसे पत्रिकाओं के माध्यम से वंचितों की आवाज उठाई। महाण सत्याग्रह 1927 जैसे आन्दोलनों का नेतृत्व किया। डा अंबेडकर ने समाज वर्गो को सशक्त बनाने के लिए संघर्ष किया। भारतीय लोकतंत्र की नींव रखने मंे अहम भूमिका निभाई। कहा कि कांग्रेस पार्टी ने बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर को दो बार लोकसभा का चुनाव जीतने से रोका और उन्हें अपनी सरकार में रहते कभी भारत रत्न सम्मान नहीं दिया। डॉ. भीमराव अम्बेडकर को उनकी योग्यता और विद्वता को देखते हुए संविधान सभा की प्रारुप समिति का अध्यक्ष बनाया गया। सदर विधायक भूपेश चैबे ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को कांग्रेस ने उनका निधन होने पर उन्हें दिल्ली में अंत्येष्ठि के लिए स्थान तक नहीं दिया। केंद्र की मोदी सरकार ने अंबेडकर की स्मृति में पांच तीर्थ स्थलों का निर्माण कराया है। कहा कि केन्द्र में जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी, तब जाकर बाबा साहब को भारत रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष रुबी प्रसाद, रामभरोष मुसहर, दिनेश भारती, रामफल सोनकर, परदेशी सोनकर, ममता सिंह, कुसुम शर्मा, जिला महामंत्री संतोष कुमार शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष बृजेश श्रीवास्तव, महेश्वर चन्द्रवंशी, जिला मंत्री मंजू गिरी, आकाश जायसवाल आदि मौजूद रहे।

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