नारी शक्ति वंदन अधिनियम कानून पर औवेसी………..ये देश के संघीय ढांचे को नष्ट करेगा

नई दिल्ली।एआईएमआईएम पार्टी के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के कार्यान्वयन से जुड़े प्रस्तावित संवैधानिक संशोधनों को लेकर केंद्र की आलोचना कर कहा कि इससे भारत की संघीय संरचना कमजोर होगी। लोकसभा के विशेष सत्र में बिल पर चर्चा के दौरान एआईएमआईएम प्रमुख औवेसी ने कहा कि ये विधेयक देश के संघीय ढांचे को नष्ट करेगा। मैं इन विधेयकों के प्रस्तुत किए जाने का कड़ा विरोध करता हूं। उन्होंने साहिर लुधियानवी का एक शेर पढ़ा, जिसमें उन्होंने कहा, एक शहंशाह ने बनवा कर हसीन ताजमहल, हम गरीबों की मोहब्बत का उड़ाया है मजाक। संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र नारी शक्ति वंदन अधिनियम कानून को लागू करने के उद्देश्य से 3 संशोधन विधेयकों पर चर्चा के साथ शुरू हुआ, जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करता है।read more:https://pahaltoday.com/road-development-in-farrukhabad-gains-momentum-comprehensive-review-of-action-plan-for-2026-27/  सप्ताह के आरंभ में, केंद्र ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 का मसौदा प्रसारित किया, जिसमें महिला आरक्षण ढांचे में बदलाव प्रस्तावित हैं। इस विधेयक के तहत लोकसभा की संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान है, जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भी शामिल होगा। इस प्रस्ताव के तहत, राज्यों के निर्वाचन क्षेत्रों से अधिकतम 815 सदस्य सीधे निर्वाचित होने हैं, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों से अधिकतम 35 सदस्य ही संसद द्वारा निर्धारित तरीके से चुने जाएंगे। मोदी सरकार ने लोकसभा में विपक्ष के विरोध के बीच महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन और परिसीमन से संबंधित तीन विधेयकों को पेश किया। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ और ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ पेश किए, वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किया।

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