नाहन (सिरमौर): हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक पाठशाला जासवी में सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कक्षा में पढ़ाई के दौरान अचानक छत से भारी-भरकम प्लास्टर भरभराकर नीचे गिर गया। राहत की बात यह रही कि जिस समय मलबा गिरा, छात्र उसकी सीधी चपेट में आने से बच गए, जिससे एक बड़ा अनिष्ट टल गया। हालांकि, अचानक हुए इस धमाके और गिरते मलबे के कारण क्लास में मौजूद मासूम बच्चों के बीच अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया।इस घटना ने स्कूल भवन की जर्जर हालत को पूरी तरह उजागर कर दिया है। स्कूल की खस्ताहाल स्थिति को देखकर अब अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भारी आक्रोश और चिंता व्याप्त है। अभिभावकों का कहना है कि वे हर रोज अपने बच्चों को मौत के साये में पढ़ने भेज रहे हैं। घटना के बाद से ही स्कूल प्रशासन और विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।ABVP ने दी आंदोलन की चेतावनी इस मामले पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता मनीष बिरसान्टा ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की घोर लापरवाही करार दिया है। उन्होंने कहा कि जर्जर भवनों में बच्चों को बिठाना उनकी सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।ABVP ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों के भवनों का तुरंत निरीक्षण कराया जाए और जहां भी स्थिति खराब है, वहां तत्काल मरम्मत या पुनर्निर्माण का कार्य शुरू किया जाए। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए, तो वे छात्रों और आम जनता को लामबंद कर उग्र आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।