सहारनपुर। तेज रफ्तार जीवनशैली में लोग दिन का बड़ा हिस्सा ऑफिस में बिताते हैं, जहां काम के दबाव और डेडलाइन के चलते सेहत अक्सर नजरअंदाज हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी अचानक नहीं होती, बल्कि धीरे-धीरे विकसित होती है और इसके शुरुआती लक्षण हल्के होने के कारण लोग उन्हें अनदेखा कर देते हैं। मेदांता हॉस्पिटल, नोएडा के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के डायरेक्टर डॉ. सज्जन राजपुरोहित के अनुसार, नियमित हेल्थ चेक-अप और सालाना स्क्रीनिंग बेहद जरूरी है। इससे ब्रेस्ट, सर्वाइकल, ओरल और कोलोरेक्टल कैंसर का समय रहते पता लगाकर इलाज की सफलता बढ़ाई जा सकती है। विशेषज्ञों ने बताया कि बदलती जीवनशैली भी कैंसर के बढ़ते मामलों की एक बड़ी वजह है। लंबे समय तक बैठे रहना, असंतुलित खानपान, व्यायाम की कमी और मानसिक तनाव जोखिम को बढ़ाते हैं। ऐसे में संतुलित आहार, नियमित एक्सरसाइज, तंबाकू से दूरी और तनाव प्रबंधन को दिनचर्या में शामिल करना आवश्यक है। इसके साथ ही कार्यस्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम, सही जानकारी का प्रसार और एचपीवी वैक्सीन जैसे बचाव उपायों को बढ़ावा देना भी जरूरी है। कर्मचारियों को मानसिक और भावनात्मक सहयोग देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर के प्रति जागरूकता अब विकल्प नहीं, बल्कि जिम्मेदारी बन गई है, क्योंकि समय पर पहचान ही जीवन बचाने में सबसे अहम भूमिका निभाती है।