फिरोजाबाद/मथुरा.‘फरसा बाबा’ की मथुरा में हुई कथित मौत के बाद जिले में आक्रोश का माहौल देखने को मिला।हिंदूवादी संगठनों ने कैंडिल मार्च निकालकर बाबा को श्रद्धांजलि दी और आरोपियों को फांसी देने की मांग उठाई। जुलूस के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और पूरे कार्यक्रम की निगरानी की गई। फिरोजाबाद से था गहरा नाता ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से मशहूर चंद्रशेखर मूल रूप से फिरोजाबाद जिले के नगला खंगर क्षेत्र के निवासी बताए जाते हैं। उनका संबंध सिरसागंज तहसील के गांव नगला गोपाल से भी रहा। गांव के लोगों के अनुसार, बचपन में ही उनके माता-पिता का निधन हो गया था और महज 8 साल की उम्र में उन्होंने संन्यास ले लिया था। राम मंदिर आंदोलन से लेकर गौरक्षा तक सक्रिय बताया जाता है कि युवावस्था में चंद्रशेखर अयोध्या पहुंचे और राम मंदिर आंदोलन में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने गौरक्षा को लेकर अभियान चलाया और गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया। हाल के वर्षों में वह मथुरा क्षेत्र में रहकर सक्रिय रूप से गौरक्षा से जुड़े कार्य कर रहे थे। ऐसे हुई घटना जानकारी के मुताबिक, बाबा को सूचना मिली थी कि एक कंटेनर से गायों की तस्करी की जा रही है। इस सूचना पर वह मथुरा-दिल्ली हाईवे पर कंटेनर को रोकने पहुंचे। इसी दौरान कंटेनर की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस पर पथराव की घटनाएं भी सामने आईं। छाता थाना क्षेत्र में पूरे दिन हालात तनावपूर्ण बने रहे। पुलिस ने दी सफाई मामले में मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बयान जारी कर कहा कि जिस कंटेनर में गौ तस्करी की बात कही जा रही थी, उसमें किराने का सामान लदा था, जबकि दूसरे कंटेनर में तार भरा हुआ था। उन्होंने गौ तस्करी की बात को गलत बताया और कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। घटना के समय घना कोहरा भी था। फिरोजाबाद में कैंडिल मार्च घटना के विरोध में फिरोजाबाद में बाबा के अनुयायियों ने कैंडिल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने “हत्यारों को फांसी दो” के नारे लगाए। जुलूस का नेतृत्व कर रहे अभिषेक राठौर ने कहा कि सरकार को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने गौरक्षा से जुड़े लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।