मुख्यमंत्री कन्यास मंगला योजना का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त करना सामान लैंगिक अनुपात स्थापित करना

हरिकृष्ण कश्यप कानपुर देहात जिला प्रोबेशन अधिकारी रेनू यादव बताया कि‘‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’’ का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त करना, समान लैंगिक अनुपात स्थापित करना, बाल विवाह की कुप्रथा को रोकना, बालिकाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा को प्रोत्साहन देना, बालिकाओं को स्वावलम्बी बनाने में सहायता प्रदान करना, बालिका के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना है। योजना के वेबपोर्टल पर प्रत्येक श्रेणी में आवेदन करने के लिए आयु सीमा का निर्धारण निम्नवत् किया हैः-
क्रम संख्या श्रेणी श्रेणीवार उपलब्ध धनराशि का विवरण आयु सीमा
1 श्रेणी-01 (जन्म पर) रु0 5000/-  01 वर्ष के भीतर
2 श्रेणी-02 (एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के उपरान्त) रु0 2000/- 01 से 02 वर्ष तक
3 श्रेणी-03 (बालिका के कक्षा- 01 में प्रवेश के उपरान्त) रु0 3000/- 05 से 08 वर्ष तक
4 श्रेणी-04 (कक्षा-06 में प्रवेश के उपरान्त) रु0 3000/- 10 से 13 वर्ष तक
5 श्रेणी-05 (कक्षा-09 में प्रवेश के उपरान्त) रु0 5000/- 14 से 15 वर्ष 364 दिन तक
6 श्रेणी-06 (कक्षा 10/12 वीं उत्तीर्ण करके स्नातक अथवा 02 वर्षीय या अधिक अवधि के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश) रु0 7000/- कक्षा 10 उत्तीर्ण 02 वर्षीय या अधिक अवधि के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश 16 वर्ष अर्थात 15 वर्ष 365 दिन से 17 वर्ष तक 12वीं उत्तीर्ण करके स्नातक में प्रवेश-18-20 वर्ष तक
कुल रु0 25000/-
 ‘‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’’ के अन्तर्गत लाभार्थी की पात्रता निम्नवत् निर्धारित हैः-
ऽ लाभार्थी का परिवार उत्तर प्रदेश का निवासी हो
ऽ लाभार्थी की पारिवारिक वार्षिक आय अधिकतम रु0 3.00 लाख (रुपये तीन लाख मात्र) हो। आय प्रमाण-पत्र की संख्या अंकित किया जाना अनिवार्य होगा।
ऽ किसी परिवार की अधिकतम दो ही बच्चियों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
ऽ लाभार्थी के परिवार का आकार (साईज)-परिवार में अधिकतम दो बच्चे हों।
ऽ किसी महिला को द्वितीय प्रसव से जुड़वा बच्चे होने पर तीसरी संतान के रुप में लड़की को भी अनुमन्य होगा। यदि किसी महिला को पहले प्रसव से बालिका है व द्वितीय प्रसव से दो जुड़वा बालिकायें ही होती है तो केवल ऐसी अवस्था में ही तीनों बालिकाओं को लाभ अनुमन्य होगा। यदि किसी परिवार ने अनाथ बालिका को गोद लिया हो, तो परिवार की जैविक संतानों तथा विधिक रुप में गोद ली गयी संतानो को सम्मिलित करते हुये अधिकतम दो बालिकायें इस योजना की लाभार्थी होंगी।
ऽ लाभार्थी को ‘‘कन्या सुमंगला योजना’’ के अन्तर्गत देय धनराशि, पी0एफ0एम0एस0 प्रणाली के माध्यम से उसके बैंक खातें में सीधे हस्तांतरित की जायेगी।

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