मोदीनगर। बार एसोसिएशन मोदीनगर ने रजिस्ट्री के लिए निर्धारित अपॉइंटमेंट की समय-सीमा केवल एक घंटे तय किए जाने के आदेश का विरोध करते हुए महानिरीक्षक निबंधन, उत्तर प्रदेश प्रयागराज को ज्ञापन भेजकर आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।बार एसोसिएशन के सचिव नकुल त्यागी एडवोकेट द्वारा भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि विभाग द्वारा 1 अप्रैल 2026 से पंजीकरण के लिए आवंटित अपॉइंटमेंट को केवल एक घंटे तक मान्य रखने का निर्णय पूर्णतः अव्यवहारिक है और इससे आम जनता व अधिवक्ताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।ज्ञापन में बताया गया कि रजिस्ट्री के लिए दस्तावेज तैयार करने, पक्षकारों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने में स्वाभाविक रूप से समय लगता है। ऐसी स्थिति में केवल एक घंटे की समय-सीमा बहुत कम है, जिससे पंजीकरण कार्य प्रभावित होगा।read more:https://pahaltoday.com/emphasis-on-adopting-modern-technology-in-farming-progressive-farmers-honored/ बार एसोसिएशन ने यह भी कहा कि इंटरनेट की तकनीकी समस्याएं, सर्वर की धीमी गति और पोर्टल से जुड़ी दिक्कतें अक्सर सामने आती रहती हैं, जिसके कारण निर्धारित समय में पंजीकरण कर पाना कठिन हो जाता है। मोदीनगर तहसील क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अपने महत्वपूर्ण दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए उप-निबंधक कार्यालय पहुंचते हैं, जिससे पोर्टल पर तकनीकी बाधाएं और भी बढ़ जाती हैं।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि रजिस्ट्री कार्यालय में क्रेता, विक्रेता और गवाहों के बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान कई बार अंगूठे का निशान सत्यापित नहीं हो पाता, जिससे रजिस्ट्री प्रक्रिया बाधित होती है। इस समस्या के समाधान के लिए कार्यालय में रेटिना मशीन लगाए जाने की आवश्यकता भी जताई गई है, ताकि पंजीकरण प्रक्रिया सुचारु रूप से हो सके।बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि यह व्यवस्था लागू की जाती है तो रजिस्ट्री कार्यालयों में अनावश्यक भीड़, अव्यवस्था और जनअसंतोष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।अंत में बार एसोसिएशन मोदीनगर ने महानिरीक्षक निबंधन से मांग की है कि अधिवक्ताओं और आम जनता की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उक्त आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए तथा अपॉइंटमेंट की समय-सीमा को यथावत रखा जाए