June 12, 2024

Month: September 2023

बीजेपी में कट सकते हैं दिग्गजों के टिकट, वहां महिलाओं को प्रत्याशी बनाने की तैयारी सचिन मुद्गल, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sat, 30 Sep 2023 06:25 AM IST सार 105682 Followers लखनऊ लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा (एनडीए) ने 80 में 11 (13.75 प्रतिशत) सीटों पर महिलाओं को प्रत्याशी बनाया था। इनमें 10 भाजपा और एक अपना दल एस की प्रत्याशी थीं। Lok Sabha Election 2024: Tickets Of Many Big Leaders May Be Cut In BJP News in Hindi बीजेपी चुनाव अभियान की शुरुआत कर चुकी है। – फोटो : सोशल मीडिया Reactions1 1 विस्तार Follow Us लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी चयन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का असर देखने को मिलेगा। पार्टी ने कथनी और करनी को एक साबित करने के लिए 20 से 30 फीसदी तक महिलाओं को प्रत्याशी बनाने की तैयारी की है। ऐसे अधिनियम के असर से प्रदेश के कई मौजूदा दिग्गज सांसदों के टिकट कट जाएंगे। लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा (एनडीए) ने 80 में 11 (13.75 प्रतिशत) सीटों पर महिलाओं को प्रत्याशी बनाया था। इनमें 10 भाजपा और एक अपना दल एस की प्रत्याशी थीं। प्रदेश में एनडीए के 66 लोकसभा सदस्यों में से 57 पुरुष और 9 महिला सांसद हैं। इनमें भाजपा की आठ व अपना दल एस की एक प्रत्याशी ने चुनाव जीता था। इनमें अमेठी से भाजपा सांसद स्मृति ईरानी, फतेहपुर से भाजपा सांसद साध्वी निरंजन ज्योति और मिर्जापुर से अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल मोदी सरकार में मंत्री भी हैं। Trending Videos नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने के बाद भाजपा में चर्चा तेज है कि लोकसभा चुनाव में महिला प्रत्याशियों की संख्या 20 से 25 तक हो सकती है। सपा की ओर से 20 फीसदी महिलाओं को टिकट देने की घोषणा के बाद भाजपा पर महिलाओं को ज्यादा टिकट देने का दबाव बनेगा। पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि प्रदेश में महिला प्रत्याशी बढ़ने से दस से पंद्रह मौजूदा दिग्गज सांसदों के टिकट कट सकते हैं। कमजोर सीटों पर भी महिला शक्ति का दांव सूत्रों के मुताबिक जातीय समीकरण के हिसाब से कमजोर मानी जाने वाली सीटों पर भी भाजपा महिला प्रत्याशी को उतारकर नारी शक्ति का दांव चल सकती है। पत्नी, बेटी को टिकट की बढ़ सकती है मांग सूत्रों के मुताबिक महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के कारण जब पुरुष सांसदों के टिकट काटे जाएंगे तो वे अपनी सीट पर पत्नी या बेटी को टिकट देने का दबाव बनाएंगे। ऐसे में पार्टी नेतृत्व की कड़ी परीक्षा होगी कि वह परिवारवाद को बढ़ावा देते हैं या नए चेहरों को मौका देकर महिलाओं के बीच नया नेतृत्व खड़ा करने की कोशिश करते हैं। गठबंधन को भी मिल सकती है महिला प्रत्याशी भाजपा सूत्रों के मुताबिक लोकसभा चुनाव में एनडीए के सहयोगी अपना दल (एस), सुभासपा और निषाद पार्टी को भी सीटें मिलेंगी। ऐसे में भाजपा सहयोगी दलों के कोटे वाली सीटों पर भी महिला प्रत्याशी उतारने का दबाव बना सकती है। इन महिलाओं के सिर बंधा था जीत का ताज वर्ष 2019 के चुनाव में एनडीए की सहयोगी अपना दल एस की अनुप्रिया पटेल मिर्जापुर से चुनाव जीती थीं। बदायूं से भाजपा की संघमित्रा मौर्या, मथुरा से हेमा मालिनी, फूलपुर से केसरी देवी पटेल, सुल्तानपुर से मेनका गांधी, फतेहपुर से साध्वी निरंजन ज्योति, धौरहरा से रेखा वर्मा, अमेठी से स्मृति ईरानी, प्रयागराज से डॉ. रीता बहुगुणा जोशी सांसद चुनी गई थी। वहीं रामपुर से भाजपा प्रत्याशी फिल्म अभिनेत्री जया प्रदा और लालगंज से नीलम सोनकर चुनाव हार गईं थीं। अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें Like Love Ha Ha! Bahut Badia Angry Disagreee Boring oh no Dislike shabaash folded hands और पढ़ें… लखनऊ में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन अपार्टमेंट का एक हिस्सा ढहा, चपेट में आईं पांच झोपड़ियां; दो की मौत, 12 दबे Lucknow News : बाइक पर युवती का शव रखा, अस्पताल सील, राधास्वामी हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित, पंजीकरण भी रद्द Lucknow News : दीपोत्सव में राष्ट्रपति हो सकती हैं शामिल, दीपोत्सव में 47 घाटों पर जलाए जाएंगे 24 लाख दीप ये भी पढ़ें…

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