खेल सुविधाओं के लिए कुलपति ने खेल मंत्री को सौंपा प्रस्ताव

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल अवसंरचना विकसित करने के उद्देश्य से कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार के खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चन्द्र यादव से मुलाकात कर मांगपत्र सौंपा। खेल मंत्री ने प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए विश्वविद्यालय में खेल सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया है।कुलपति ने राज्यमंत्री से विश्वविद्यालय परिसर में आधुनिक सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक की स्थापना तथा एकलव्य स्टेडियम के क्रिकेट मैदान के उच्चीकरण और नवीनीकरण के लिए वित्तीय और विभागीय स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। पत्र में उल्लेख किया गया कि विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों में 3 लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विश्वविद्यालय ने देश को कई नामचीन अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने ओलंपिक और वैश्विक प्रतियोगिताओं में देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। इनमें प्रमुख रूप से हॉकी खिलाड़ी कोथाजीत सिंह, ललित कुमार उपाध्याय, हाल ही में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित राजकुमार पाल तथा अंतरराष्ट्रीय स्टीपलचेज एथलीट पारुल चौधरी शामिल हैं।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette
विश्वविद्यालय परिसर में मानक स्तर के सिंथेटिक ट्रैक का अभाव है, जिसके कारण खिलाड़ियों को आधुनिक अभ्यास में कठिनाई होती है और अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालयीय एथलेटिक प्रतियोगिताओं के आयोजन में भी बाधा आती है। सिंथेटिक ट्रैक बनने से पूर्वांचल की नई खेल प्रतिभाओं को तराशने में बड़ी मदद मिलेगी। इसके साथ ही परिसर स्थित एकलव्य स्टेडियम के क्रिकेट ग्राउंड के नवीनीकरण का भी प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत मैदान का समतलीकरण, जलनिकासी (ड्रेनेज), उच्च गुणवत्ता की पिच, अभ्यास के लिए नेट्स और खिलाड़ियों के लिए आवश्यक आधुनिक सुविधाओं के विकास की योजना शामिल है। इससे विश्वविद्यालय व संबद्ध कॉलेजों के बीच उच्चस्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिताओं का नियमित आयोजन संभव हो सकेगा।
कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरक संदेश “जो खेलते हैं, वो खिलते हैं” और ‘फिट इंडिया’ मिशन को धरातल पर उतारने के लिए इन सुविधाओं का विकास आवश्यक है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य परिसर को आधुनिक खेल सुविधाओं से सुसज्जित कर पूर्वांचल को देश के खेल मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

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