रेहड़। सोमवार रात कार्बेट टाइगर रिजर्व व अमानगढ़ टाइगर रिजर्व की सीमा पर बसे गांव लालबाग से वन विभाग की टीम ने एक खेत से प्रतिबंधित खैर प्रजाति की लगभग 10 कुंतल लड़कियां बरामद की थी। लकड़ियों की बरामदगी के बाद यूपी-उत्तराखंड के वनाधिकारियों ने लकड़ी माफियाओं एवं घुमंतू समाज के लोगों पर शिकंजा कसने के लिए दोनों राज्यों की सीमा से सटे लगभग आधा दर्जन गांवों में संयुक्त रूप से पैदल गश्त किया और खेत-खलिहानों व सार्वजनिक स्थानों की सघन चेकिंग की। बुधवार सुबह लगभग 7:00 बजे अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के डिप्टी रेंजर श्यामलाल यादव के नेतृत्व में अमानगढ़ एवं कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ व झिरना रेंज के वन कर्मियों ने उत्तराखंड के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व एवं यूपी के अमानगढ़ टाइगर रिजर्व की संयुक्त सीमा से सटे लालबाग, मालोनी, मीरापुर नॉर्थ, मीरापुर साउथ, कल्लूवाला, फतेहपुर धारा आदि गांवों में संयुक्त रूप से पैदल गश्त करते हुए खेत खलिहानों एवं सार्वजनिक स्थानों की तलाशी ली और सड़कों के किनारे डेरा डालकर रहने वाले घुमंतू समाज के लोगों के संबंध में जानकारी एकत्र की। वन कर्मियों ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए दो टूक चेतावनी दी कि यदि प्रतिबंधित वन क्षेत्र में कोई व्यक्ति अवैध गतिविधियों लिप्त पाया गया अथवा किसी ने वन एवं वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया तो वह बख्शा नहीं जाएगा। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व की रानी नांगल वन चौकी से शुरू हुआ संयुक्त पैदल गश्त दोपहर लगभग 12 बजे कार्बेट टाइगर रिजर्व की झिरना रेंज में संपन्न हुआ। इस दौरान वन दरोगा रवि कुमार, बाकर रजा, फूल सिंह, विकास कुमार, कुलदीप सिंह, जाफर अली आदि मौजूद रहे।