बहराइच। को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत ईसीसीई एजूकेटर, नोडल शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बाल वाटिका वंडर बॉक्स किट के प्रयोग के लिए प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से ब्लॉक स्तरीय संदर्भदाताओं का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सभागार में संपन्न हुआ।जिला समन्वयक प्रशिक्षण प्रदीप कुमार वर्मा के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर राजेश कुमार मिश्रा और एसआरजी सुधीर कुमार मेहरोत्रा ने प्रतिभागियों को नई शिक्षा नीति के प्रमुख प्रावधानों और बाल वाटिका वंडर बॉक्स किट के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी।प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के प्रत्येक विकास खंड से बेसिक शिक्षा विभाग के दो-दो एआरपी तथा बाल विकास परियोजना विभाग के दो-दो सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित किया गया। ये प्रशिक्षित संदर्भदाता आगे ब्लॉक स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और नोडल शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि वंडर बॉक्स किट का निर्माण आईआईटी गांधीनगर द्वारा किया गया है, जिसमें 19 प्रकार की शैक्षिक सामग्रियां शामिल हैं। इसके माध्यम से बच्चों को जानवरों, फल-सब्जियों की पहचान, वर्णमाला, संख्याओं की पहचान, सुडोकू पहेलियां, अंकीय एवं भाषाई ज्ञान और रंगों की पहचान जैसी गतिविधियों के जरिए शिक्षण कराया जाएगा।उन्होंने बताया कि बाल वाटिका में वंडर बॉक्स के प्रयोग से बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी और वे अधिक उत्साह के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में आने के लिए प्रेरित होंगे।इस दौरान एआरपी श्रवण मिश्रा, कुमार अभय, प्रदीप नारायण सिंह, रसल रघुवंशी, शैलेंद्र कुमार, विमल अग्निहोत्री, पवन दूबे, श्रीश श्रीवास्तव, नरेंद्र कुमार, रश्मि मदेशिया, श्वेता वर्मा तथा मुख्य सेविकाएं सपना मौर्या, लता मिश्रा, संध्या कुमारी, नीलम वर्मा, मुक्ता देवी और सपना चौधरी सहित बड़ी संख्या में मुख्य सेविकाएं एवं एआरपी मौजूद रहे।