बरेली, महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली के क्षेत्रीय अर्थशास्त्र विभाग में आंतरिक मूल्यांकन के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया।विभाग द्वारा यह प्रतियोगिता दिनांक 15 एवं 16 अक्टूबर 2026 को विभागीय सभागार में आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता में विभाग के समस्त छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।प्रथम दिवस (15 अक्टूबर) को क्षेत्रीय अर्थशास्त्र से संबंधित विषय “वैश्वीकरण का प्रभाव – सकारात्मक या नकारात्मक” पर वाद-विवाद आयोजित हुआ। जिसमें क्षेत्रीय अर्थशास्त्र के विद्यार्थियों ने भाग लिया। छात्र-छात्राओं ने पक्ष एवं विपक्ष दोनों में अपने तर्कपूर्ण विचार प्रस्तुत किए। वैश्वीकरण से क्षेत्रीय असमानता, रोजगार और स्थानीय उद्योगों पर पड़ने वाले प्रभावों पर गहन चर्चा हुई। इस प्रतियोगिता में रीजनल अर्थशास्त्र की विद्यार्थी प्रिंस कुमार गुप्ता ने प्रथम तथा अमन बौद्ध ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया द्वितीय दिवस (16 अक्टूबर) को दो विषयों पर वाद-विवाद हुआ। प्रथम सत्र में “कैशलेस अर्थव्यवस्था – वरदान या अभिशाप” विषय पर वित्तीय अर्थशास्त्र के विद्यार्थियों ने डिजिटल लेन-देन, साइबर सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े तथ्य रखे।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignetteद्वितीय सत्र में *”भारत की स्वास्थ्य प्रणाली में सार्वजनिक निजी भागीदारी की भूमिका”स्वास्थ्य अर्थशास्त्र के विद्यार्थियों ने पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत किये। इस प्रतियोगिता में वित्तीय अर्थशास्त्र में शिवम पाल को प्रथम तथा आराधना शर्मा को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआतथा स्वास्थ्य अर्थशास्त्र में मोहम्मद अजीम को प्रथम तथा आर्यन सिंह चौहान को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।प्रतियोगिता के नियमानुसार प्रत्येक वक्ता को 5 मिनट (4+1) का समय दिया गया था और पेपर पढ़ने की अनुमति नहीं थी, जिससे विद्यार्थियों की मौलिक अभिव्यक्ति और तार्किक क्षमता का सही मूल्यांकन हो सका।इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रोफेसर भोला खान ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों मैं रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और विषय की गहरी समझ विकसित करती हैं, जो आंतरिक मूल्यांकन का मुख्य उद्देश्य है। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रोफेसर एम एल मौर्य डॉ सुबोध धवन डॉ कामिनी विश्वकर्मा डॉ पवन कुमार निर्णायक की भूमिका में रहे।इस अवसर पर प्रोफेसर आशुतोष प्रिया प्रोफेसर अजीत सिंह डॉक्टर मोहम्मद इसरार खान डॉक्टर रुचि द्विवेदी डॉक्टर जानकी राजपूत एवं रिजवान सभी ने सभी प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रस्तुतिकरण की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मीडिया सेल, एमजेपीआरयू, बरेली