नई दिल्ली। ईरान जंग के बीच भारत की समुद्री ताकत और बढ़ने वाली है। अब दुश्मन को भारत का देशी दम दिखाई देगा। दरअसल समंदर में खलबली मचाने को भारत का देशी सुपरमैन यानी शक्ति मान तैयार है।जी हां, स्वदेशी गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट ‘तारागिरी’ समंदर में अपनी ताकत दिखाने आ रहा है। इसके नौसेना में शामिल होने की तारीख तय हो गई है। खुद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह तारागिरी को नौसेना में शामिल करने वाले है। खास बात है कि ‘तारागिरी’ ब्रह्मोस मिसाइल से लैस है। जी हां, प्रोजेक्ट 17ए के तहत नीलगिरी क्लास का एडवांस गाइडेड स्टेल्थ फ्रिगेट तारागिरी नौसेना में शामिल होने को तैयार है। नौसेना द्वारा जारी बयान के अनुसार, अगले महीने यानी 3 अप्रैल को विशाखापत्तनम में तारागिरी को औपचारिक रूप से नौसेना में शामिल किया जाएगा। इस मौके पर रक्षामंत्री सिंह स्वयं इस गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट को नौसेना को समर्पित करने वाले है। वर्ष 2026 की शुरुआत में एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट ‘अंजदीप’ को भी नौसेना में शामिल किया गया था। बात दें कि प्रोजेक्ट 17ए के तहत बनाए जा रहे सात नीलगिरी क्लास के युद्धपोतों में से पहला एडवांस स्टेल्थ फ्रिगेट आईएनएस नीलगिरी को जनवरी 2025 में नौसेना में शामिल किया था। इसके बाद इसी वर्ष हिमगिरी और उदयगिरी को भी शामिल किया। अब तारागिरी की बारी है। गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट ‘तारागिरी’ ब्रह्मोस मिसाइल से लैस है, जो एंटी-सर्फेस और एंटी-शिप युद्ध में अत्यंत सक्षम है। एंटी-एयर वॉरफेयर के लिए इसमें लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल ‘बराक-8’, एयर डिफेंस गन और एंटी-सबमरीन वॉरफेयर के लिए स्वदेशी टॉरपीडो ‘वरुणास्त्र’ और रॉकेट लांचर लगाए गए हैं। तारागिरी लंबी दूरी से आने वाले हमलों का पता लगाने, ट्रैक करने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए आधुनिक सोनार, कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम और मल्टी-फंक्शन डिजिटल रडार से लैस है। इस फ्रिगेट में हेलिकॉप्टर हैंगर भी है, जिसमें दो हेलिकॉप्टर आसानी से लैंड कर सकते हैं। प्रोजेक्ट 17ए के तहत बनाए जा रहे सभी सात फ्रिगेट में करीब 75 प्रतिशत उपकरण स्वदेशी कंपनियों से लिए गए हैं। इसका डिजाइन और स्टील भी स्वदेशी है। इसका डिजाइन नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है। 6700 टन वजनी यह फ्रिगेट 30 नॉटिकल मील प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है। प्रोजेक्ट 17ए के तहत सात नीलगिरी क्लास गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट भारतीय नौसेना के लिए बनाए जा रहे हैं। इसमें चार फ्रिगेट मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) और तीन गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) द्वारा बनाए गए हैं। साल 2019 से 2022 के बीच इन सभी को लांच किया जा चुका है। तारागिरी नीलगिरी क्लास का चौथा फ्रिगेट है, जो अब नौसेना में शामिल होने जा रहा है, जबकि बाकी तीन के समुद्री परीक्षण जारी हैं। इन सभी स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट के शामिल होने के बाद समुद्र में भारत की ताकत में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।