शिक्षा की कमी और नशाखोरी से जूझ रहे चिल्काडांड गांव के ग्रामीण

शक्तिनगर, सोनभद्र। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के एनटीपीसी परिसर शक्तिनगर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई प्रथम एवं तृतीय के तत्वावधान में सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ बुधवार को चिल्काडांड ग्राम पंचायत भवन में किया गया। शिविर के पहले दिन स्वयंसेवकों को सामाजिक जागरूकता फैलाने और ग्रामीण समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान हीरालाल ने कहा कि जनजातीय बाहुल्य चिल्काडांड गांव में शिक्षा की कमी और नशाखोरी गंभीर समस्या है। इन समस्याओं के समाधान के लिए व्यापक जनजागरूकता जरूरी है, जिसे राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने स्वयंसेवकों से शिविर के दौरान ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उन्हें जागरूक करने की अपील की। विशिष्ट अतिथि नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड खड़िया के सीएसआर प्रबंधक अमरेंद्र कुमार ने कहा कि समाज को नशाखोरी से बचाना आज की बड़ी चुनौती बन चुका है। इस दिशा में एनएसएस स्वयंसेवक अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एनएसएस के इस प्रयास में एनसीएल खड़िया हर संभव सहयोग करेगा। संस्था के प्रभारी डॉ. प्रदीप कुमार यादव ने कहा कि जागरूकता की कमी के कारण कई लोग सरकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में एनएसएस स्वयंसेवकों का दायित्व है कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को सामाजिक मुद्दों और योजनाओं के प्रति जागरूक करें। इससे पहले कार्यक्रम अधिकारी डा विनोद कुमार पांडेय ने सात दिवसीय शिविर की कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए स्वयंसेवकों को विश्वविद्यालय की गाइडलाइन से अवगत कराया। शिविर के दूसरे सत्र में स्वयंसेवकों ने स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया, जिसमें एसआईआर से संबंधित समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा की गई।

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