सोनभद्र। ओबरा तहसील अंतर्गत जुगैल थाना क्षेत्र के सोन नदी भगवा 15 च खण्ड 2 में नदी का सीना चीरकर बालू लूटने का खेल अब खुलेआम चुनौती बन चुका है। रात के अंधेरे में प्रतिबंधित मशीनों के जरिए नदी के गर्भ से बालू की निकासी कराए जाने का वीडियो बीते दिनों सोशल मीडिया पर बायरल होने के बाद संबंधित पट्टाधारक को जिला प्रशासन के द्वारा जारी की गई नोटिस के बावजूद इस साइड पर अवैध खनन का खेल चरम पर है। वर्तमान समय में भी रात के अंधेरे में हाई टेंशन टावर के नीचे प्रतिबंधित मशीनें गरज रही हैं।भरोसेमंद सूत्रों ने बताया कि चोपन सोन नदी ग्राम भगवा के अराजी नंबर 15 च में मे. रूद्र माइनिंग एण्ड कम्पनी के घोरावल क्षेत्र निवासी प्रो. भूपेन्द्र प्रताप सिंह के नाम से 12.146 हेक्टेयर में बालू खनन के लिए आवंटित लीज के आड़ में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित मशीनों के जरिए दिन-रात बालू की निकासी करायी जा रही है।read more:https://khabarentertainment.in/on-the-occasion-of-international-womens-day-and-swachhta-pakhwada-an-awareness-programme-was-organised-at-bal-shakti-h-s-school-bargawan-malasa/ हैरानी की बात तो यह है कि वर्तमान समय में सोन नदी के बीचो-बीच स्थित हाईटेंशन विद्युत टावर के ठीक नीचे प्रतिबंधित मशीनें बेखौफ गरज रही हैं, बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी अपनी आंखें मूंदे बैठे हैं। मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के सख्त निर्देश भी यहां महज कागजों के पन्नों में सीमट कर रह गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लीज के आड़ में चल रहा यह अवैध कारोबार अब बेलगाम हो चुका है। नियमों को दरकिनार कर पोकलेन और अन्य भारी मशीनों से नदी की धारा को बदला जा रहा है, जिससे न सिर्फ पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि हाईटेंशन टावर के आसपास की जमीन भी कमजोर हो रही है। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग उठायी है। लोगों का मानना है कि यदि मामले की जांच स्थानीय खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से न कराकर सीबीआई को सौंप दी जाए तो न सिर्फ लीज के आड़ में बड़े पैमाने पर चल रहे बालू के अवैध खनन के काले कारोबार पर अंकुश लगेगा, बल्कि इस गोरखधंधे में संलिप्त जनपद के जिम्मेदार अधिकारियों के साथ पट्टाधारक व उनके सहयोगियों पर कार्रवाई की गांज गिर सकती है।