हाथरस,(सूचना विभाग)। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के साथ विकास खंड सासनी की ग्राम पंचायत समामई रूहल में संचालित श्री दाऊजी गौशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गौशाला में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गौशाला परिसर में निर्मित टीन शेड, चारा, पेयजल एवं गौवंशों की देखभाल के लिए उपलब्ध अन्य सुविधाओं का अवलोकन किया। अधिकारियों ने अवगत कराया कि गौशाला में 100×63 फीट के टीन शेड का निर्माण कराया गया है। इसके पिलर निर्माण में हैंडपंप रीबोरिंग से प्राप्त पाइपों का उपयोग किया गया, जिससे निर्माण लागत में उल्लेखनीय बचत हुई है। इसके अतिरिक्त बीमार गौवंशों को उपचार के दौरान अलग रखने के लिए एक पृथक टीन शेड का निर्माण कराया गया है।मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि गौशाला में वर्तमान में कुल 300 निराश्रित गौवंश संरक्षित हैं, जिनमें 23 नर एवं 277 मादा गौवंश शामिल हैं। इनकी देखभाल के लिए 10 केयरटेकर तैनात हैं। गौशाला में तीन टीन शेड उपलब्ध हैं तथा एक अन्य टीन शेड का निर्माण कार्य प्रगति पर है।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette चारा खाने के लिए तीन चरही, पेयजल के लिए पांच हॉज तथा दो समरसेबल पंप की व्यवस्था है। वर्तमान में 90 कुंतल भूसा सुरक्षित रखा गया है तथा प्रतिदिन 35 से 45 कुंतल हरा चारा उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 2,000 कुंतल क्षमता के भूसा गोदाम का निर्माण कराया गया है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि अब तक 12 लाभार्थियों को 24 गौवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। गौशाला में पेयजल, विद्युत एवं सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए समरसेबल पंप, विद्युत आपूर्ति तथा सीसीटीवी प्रणाली संचालित है। निरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था भी लागू की गई है। इसके माध्यम से निरीक्षण संबंधी प्रविष्टियां ऑनलाइन दर्ज होने पर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा उनका अवलोकन किया जा सकेगा।जिलाधिकारी ने गौशाला में उपलब्ध व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि गौवंशों के संरक्षण, समुचित पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने शासन की मंशा के अनुरूप गौशाला का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के साथ ही परिसर में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कराने तथा सोलर पंप की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी सासनी, खंड विकास अधिकारी सासनी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।