श्रावस्ती। आगामी 4 अप्रैल को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ के बैनर तले आयोजित होने वाले विशाल महारैली की तैयारियों को लेकर बहराइच स्थित लोटस होटल में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु टेट (TET) अनिवार्यता के विरोध में रणनीति तैयार करना रहा मुख्य अतिथि एवं पर्यवेक्षक सुधांशु मोहन (प्रांतीय उपाध्यक्ष/जिलाध्यक्ष लखनऊ) ने सभा को संबोधित करते हुए कहा सरकार द्वारा थोपी गई टेट की अनिवार्यता अनुभवी शिक्षकों के स्वाभिमान पर चोट है। हम 4 अप्रैल को दिल्ली की सड़कों पर उतरकर अपनी एकजुटता का परिचय देंगे। वहीं विशिष्ट अतिथि अजय सिंह एवं धीरेंद्र कुमार ने कहा कि शिक्षक अब चुप नहीं बैठेगा, जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन जारी रहेगा। समीक्षा बैठक में श्रावस्ती जनपद के पदाधिकारियों ने टेट अनिवार्यता के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाया। जिलाध्यक्ष विनय पांडेय ने कड़े शब्दों में कहा दशकों से शिक्षा की अलख जगाने वाले शिक्षकों को अब पात्रता की कसौटी पर कसना सरासर अन्याय है। हम इस काले कानून को वापस कराकर ही दम लेंगे। जिला मंत्री सत्य प्रकाश वर्मा ने कहा टेट अनिवार्यता शिक्षकों के भविष्य को अंधकार में धकेलने की साजिश है। जिसे श्रावस्ती का एक-एक शिक्षक दिल्ली पहुंचकर विफल कर देगा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह ने जोर देते हुए कहा हमारी वरिष्ठता और अनुभव ही हमारी पात्रता है। कागजी परीक्षाओं के जाल में शिक्षकों का शोषण अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में जिला उपाध्यक्ष हरीश कुमार, जिला संगठन मंत्री दिवाकर प्रताप सिंह सहित श्रावस्ती के समस्त ब्लॉक पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि जिले के कोने-कोने से शिक्षक दिल्ली कूच करेंगे। बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों ने ‘शिक्षक एकता जिंदाबाद’ के नारों के साथ आंदोलन को सफल बनाने की शपथ ली। इस अवसर पर जिला संयुक्त मंत्री अंकित श्रीवास्तव, जिला कोषाध्यक्ष सुनील दत्त शुक्ला, ब्लॉक अध्यक्ष अनूप श्रीवास्त, जनार्दन यादव, पदाधिकारी जय कृष्णा मिश्रा, श्रवण सिंह, उर्मिलेश पांडेय, अनवर खान, प्रेम सिंह यादव, राकेश श्रीवास्तव, शांतनु मौर्य, देवेंदु त्रिपाठी, राधेश्याम सिंह मौजूद रहे।