रायबरेली/लालगंज! कस्बे के चिकमंडी जामा मस्जिद में मंगलवार रात तरावीह की नमाज मुकम्मल हुई! चिकमंडी जामा मस्जिद मौलाना सईदुर रहमान ओसामा नदवी ने बताया कि रोजाना डेढ़ पारा पढ़कर तरावीह की नमाज मुकम्मल की गई है ! बाराबंकी से आए मुफ्ती सईदुर रहमान ने इस अवसर पर देश में अमन चैन व भाईचारे के लिए तमाम दुवाएं की ! उन्होंने यह भी बताया कि एक हाफिज बनने के लिए बहुत कड़ी मेहनत करनी पड़ती है! हाफिज के दिल में कुरान शरीफ बसी होती है वह बिना देखे ही कुरान शरीफ पढ़ सकता है! हमें कोशिश करनी चाहिए कि हर एक मुस्लिम के घर में हाफिज ए कुरान होना चाहिए! रमजान के इस पाक मौके पर सभी को रोजे रखकर इबादत करनी चाहिए,और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगनी चाहिए! रमजान में तीन असरे होते है जिन्हें रहमत-इबादत और मगफिरत कहा जाता है! आपको बता दे कि मुफ्ती सईदुर रहमान की लोकप्रियत अधिक होने के कारण तरावीह मुकम्मल होने बाद सभी नमाजियों ने मुफ्ती साहब को गले लगाकर बधाईयां दी! इस मौके पर मौलाना सुफियान,मौलाना जिशान,मौलाना कुतुबुद्दीन,जाहिद कुरैशी सभासद प्रतिनिधि,अलताफ कुरैशी,हाजी फजलुरहमान,अय्यूब कुरैशी,आमीन फौजी, मामून कुरैशी,इलियास कुरैशी,मोइन सिद्दीकी,हाजी हसीब,अहमद हसन,अनीश रैनी, इंतिसार रैनी,बिलाल कुरैशी,नसीम सभासद,राजू नेता,जमशेद कुरैशी, शानू, रानू,इत्यादि सैकड़ों लोग दुआ के लिए मौजूद रहे!