नामो नमूद के लिए नही बल्कि अल्लाह की रज़ा के लिए करें कुर्बानी: मौलाना मआज़ मिस्बाही

भदोही। ईदुल अज़हा यानि क़ुर्बानी हज़रते इब्राहिम खलीलुल्लाह की सुन्नत है। जो हर साहबे निसाब पर…