आखिरकार अंतिम समय में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने असम में 21 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ने…
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गैस संकट, 17 हजार लोगों ने की बुकिंग, 15 हजार को बांटी गई गैस, बैकलॉग फिर 90 हजार के पार
देहरादून : देहरादून जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति बढ़ाने के प्रयासों के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हो पा रही है। सोमवार को लगभग 15,020 घरेलू और 512 व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई जबकि प्रशासन के पास स्टॉक में 35,262 घरेलू और 1,313 व्यावसायिक सिलेंडर उपलब्ध हैं। इसके बावजूद मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर बना है, जिससे संकट बरकरार है।एलपीजी की कालाबाजारी रोकने और शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने क्षेत्रवार…
अब सेना में डेढ़ साल में बनेंगे जवान से अफसर, चार साल की नहीं होगी ट्रेनिंग
नई दिल्ली। भारतीय सेना में अब जवान से अफसर बनने का रास्ता आसान हो गया है।…
ईरान जंग पर पीएम मोदी की चेतावनी, जारी रही लड़ाई तो होंगे गंभीर दुष्परिणाम
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर राज्यसभा में मंगलवार…
कोलंबिया में वायुसेना का विमान टेकऑफ के दौरान हुआ दुर्घटनाग्रस्त, 125 लोग थे सवार
बोगोटा।दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां वायुसेना का एक शक्तिशाली…
महिलाओं को 2500 प्रतिमाह, बेटियों को 1 लाख
नई दिल्ली । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2026 का बजट पेश किया, जिसमें महिला,…
अमेरिका और ईरान का तनाव कम करने के लिए भारत समेत 4 मुस्लिम देश हुए सक्रिय
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी भीषण संघर्ष को रोकने और इसे महायुद्ध में बदलने से…
महिला आरक्षण के लिए सरकार ने उठाया बड़ा कदम, अब लोकसभा में 33 प्रतिशत होंगी महिलाएं
नई दिल्ली। लोकसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का समुचित तरीके से लाभ मिले इसके…
ईरान ने साफ कहा- बगैर किसी शुल्क के दो भारतीय जहाजों ने पार किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के बीच फंसे भारतीय जहाजों…
सृजन का नया युग
भारत का डिजिटल परिदृश्य आज जिस तीव्र गति से बदल रहा है,वह केवल तकनीकी प्रगति का शुभ संकेत दी नहीं,बल्कि एक व्यापक सामाजिक–आर्थिक परिवर्तन का परिचायक भी है। इस क्रान्तिकारी परिवर्तन के केंद्र में वह सोच है,जो तकनीक को कुछ विशेष वर्गों तक सीमित न रखकर उसे आम जन तक पहुँचाने की वकालत करती है। इसी दृष्टि को साकार करते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा आरंभ की गई तीन नई पहलें एक नए भारत की डिजिटल आकांक्षाओं को आकार देती दिखाई देती हैं। आज के कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार का उद्देश्य तकनीक को सुलभ,सस्ता और सर्वसुलभ बनाना है,ताकि देश का हर नागरिक डिजिटल क्रांति का भागीदार बन सके। उन्होंने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोच को दोहराया,जिसमें तकनीक को लोकतांत्रिक बनाने पर विशेष बल दिया गया है। उनके अनुसार,इन पहलों के माध्यम से न केवल तकनीक की पहुँच बढ़ेगी,बल्कि यह आम लोगों के जीवन को सरल और सशक्त भी बनाएगी। मंत्री ने एमवाईडब्लूएवीईएस प्लेटफॉर्म को एक ऐसे सशक्त मंच के रूप में रेखांकित किया,जहाँ देश का हर नागरिक अपनी रचनात्मकता को अभिव्यक्त कर सकता है। उन्होंने अपने उदगार में उल्लेख किया कि आज का भारत केवल कंटेंट का उपभोक्ता नहीं रहना चाहता,बल्कि वह कंटेंट निर्माण में भी वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है उन्होंने रचनाकारों से आह्वान किया कि वे अपने क्षेत्र, संस्कृति और परंपराओं की कहानियों को इन मँचों के माध्यम से दुनिया तक पहुँचाएँ,जिससे भारत की विविधता और समृद्धि को एक नई पहचान मिल सके। राष्ट्रीय ए आई स्किलिंग पहल पर बोलते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह कार्यक्रम आनेवाले समय की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। आज लगभग 15 हजार युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार किया जाएगा। उनके शब्दों में,“यह पहल युवाओं को केवल कौशल ही नहीं देगी,बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के योग्य बनाएगी। ” यह कथन इस बात का संकेत है कि सरकार एआई को केवल एक तकनीक नहीं,बल्कि एक अवसर के रूप में देख रही है। आज के इस कार्यक्रम में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव संजय जाजू ने भी इन पहलों की व्यापकता और प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा कि यह तीनों पहलें एक साझा नीति दिशा को प्रतिबिंबित करती हैं। उन्होंने अपने उद्गार में स्पष्ट किया कि पहली पहल लोगों को सक्षम बनाएगी,दूसरी उन्हें नए अवसर प्रदान करेगी और तीसरी यह सुनिश्चित करेगी कि कंटेंट की पहुँच समाज के अंतिम व्यक्ति तक हो।उनके अनुसार,यह केवल योजनाएँ नहीं हैं,बल्कि एक मजबूत और समावेशी डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में ठोस कदम हैं। यदि इन उद्गारों को व्यापक संदर्भ में देखा जाए,तो यह स्पष्ट होता है कि सरकार की सोच बहुस्तरीय है। एक ओर जहाँ कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को तैयार किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर उन्हें अभिव्यक्ति और अवसर के मंच भी प्रदान किए जा रहे हैं। साथ ही,तकनीकी अवरोधों को कम करके यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इन अवसरों का लाभ समाज