युवा शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों को मंच प्रदान कर रहा एसआरएमयू

बाराबंकी। श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी एवं इंटरनेशनल फैशन बिजनेस एक्सचेंज काउंसिल के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को ‘सस्टेनेबल इनोवेशन-2.0’ विषयक तीन दिवसीय ‘इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस’ का उद्घाटन विविध कार्यक्रमों के साथ हुआ। 11 अप्रैल तक चलने वाला यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘ब्रिजिंग रिसर्च एंड इंडस्ट्री फॉर रेजिलिएंट फ्यूचर’ की थीम पर केंद्रित है। सम्मेलन का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया जा रहा है। इस बहु-विषयक सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, कला एवं गणित (एसटीईएएम) के संगम को फैशन और सस्टेनेबिलिटी से जोड़ना है, ताकि वैश्विक स्तर पर पर्यावरणीय एवं नैतिक चुनौतियों का सामूहिक समाधान खोजा जा सके। उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय की प्रो-चांसलर इंजी. पूजा अग्रवाल, कुलपति प्रो. विजय कुमार तिवारी, आईएनएसएच के निदेशक एवं कॉन्फ्रेंस के चेयरपर्सन प्रो. बी. एम. दीक्षित, कासर टेक्नोलॉजीज के चेयरपर्सन डॉ. कैलाश नाथ महापात्रा, कुलसचिव प्रो. हेमेंद्र शर्मा एवं कांफ्रेंस से जुड़े सदस्य तथा सैकड़ों प्रतिभागी उपस्थित थे। उद्घाटन सत्र के दौरान आईएनएसएच के निदेशक एवं कॉन्फ्रेंस के चेयरपर्सन प्रो. बी. एम. दीक्षित ने कहा कि यह सम्मेलन शोध और उद्योग के बीच की खाई को पाटने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि शैक्षिक अनुसंधान तब तक अधूरा है जब तक वह उद्योगों के लिए व्यावहारिक न बन जाए। यह आयोजन युवा शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों को एक मंच प्रदान कर रहा है।read more:https://pahaltoday.com/delay-in-justice-leads-to-failure-of-justice-prof-vijay-tiwa  आईएफबीईसी के फाउंडर विनीत पारिख ने अपने ऑनलाइन स्वागत भाषण के माध्यम से सभी को संबोधित करते हुए कहा कि फैशन इंडस्ट्री तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रही है, ऐसे में सस्टेनेबल इनोवेशन को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शोध एवं उद्योग के बीच मजबूत साझेदारी पर जोर देते हुए कहा कि यह सम्मेलन वैश्विक स्तर पर सहयोग, नेटवर्किंग और नवाचार को बढ़ावा देने का प्रभावी मंच साबित होगा। विश्वविद्यालय के चांसलर इंजी. पंकज अग्रवाल ने कहा कि यह तालमेल भारत को वैश्विक सतत नवाचार का केंद्र बनाएगा। प्रो-चांसलर इंजी. पूजा अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान देना है। इस तीन दिवसीय ‘सस्टेनेबल इनोवेशन-2.0’ विषयक ‘इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस’ में रिसर्च पेपर प्रेजेंटेशन के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कुल 6 सामानांतर सत्र चलाये जा रहे हैं। जिसमे पहेल दिन देश भर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, शोध केंद्रों एवं उद्योगों से बड़ी संख्या में प्रतिभागी इस सम्मेलन में शामिल हुए और शोध पत्र प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रो. रीतू चंद्रा, प्रो. मंजु पांडेय, प्रो. नरेंद्र बहादुर सिंह, सुश्री नेहा गुप्ता, प्रो. गजेंद्र सिंह, प्रो. अपूर्व आनंद, प्रो. रजाउर रहमान, प्रो. नीरजा जिंदल, प्रो. अश्वनी कुमार, प्रो. अपूर्व आनंद, प्रो. कृष्णा श्रीवास्तव, प्रो. ताबिश किदवई, प्रो. अमित सिंह, प्रो. प्राची भार्गव, प्रो. वी. एन. पाठक, सुश्री प्रुवा वर्मा, प्रो. आर. एस. बाजपेयी समेत सभी विभागों के डीन, डायरेक्टर, हेड उपस्थित थे। सम्मेलन के पहले दिन का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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