नई दिल्ली। सोजत का विश्व प्रसिद्ध मेहंदी उद्योग इन दिनों वैश्विक संकट की गंभीर मार झेल रहा है। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के चलते यहां की 150 से अधिक फैक्ट्रियों में उत्पादन लगभग ठप हो गया है।हालात इतने खराब हो गए हैं कि करीब 2200 मजदूरों को काम न मिलने के कारण घर भेजना पड़ा है। व्यापारियों के अनुसार, सोजत से होने वाला करीब 250 करोड़ रुपए का निर्यात फिलहाल पोर्ट और गोदामों में फंसा हुआ है। यह उद्योग सालाना 4 से 5 हजार करोड़ रुपए का कारोबार करता है, लेकिन पिछले एक महीने से एक्सपोर्ट पूरी तरह प्रभावित है। खासतौर पर खाड़ी देशों के लिए बनने वाली नेचुरल मेहंदी और हेयर डाई की मांग में भारी गिरावट आई है, जिससे उत्पादन 80 प्रतिशत तक घट गया है। निर्यातकों का कहना है कि मुंबई पोर्ट और दिल्ली एयर कार्गो पर करीब 150 करोड़ रुपए का माल अटका हुआ है। युद्ध के कारण शिपिंग रूट्स असुरक्षित हो गए हैं और माल भाड़ा दोगुना हो गया है। इसके साथ ही पहले भेजे गए माल का भुगतान भी समय पर नहीं मिल पा रहा है, जिससे व्यापारियों की चिंता और बढ़ गई है। मेहंदी उद्योग से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि यह स्थिति कोरोना काल के बाद पहली बार देखने को मिल रही है। मजदूरों का पलायन भी तेज हो गया है, जिनमें अधिकांश उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के अन्य क्षेत्रों से आते हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन पर भी नकारात्मक असर पड़ा है। सोजत की मेहंदी की पहचान वैश्विक स्तर पर है और इसका निर्यात 130 से अधिक देशों—जैसे फ्रांस, आयरलैंड, रूस और ऑस्ट्रेलिया—तक होता है। लेकिन वर्तमान हालात में यह विशाल नेटवर्क भी प्रभावित हो गया है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि युद्ध जल्द समाप्त नहीं हुआ, तो उद्योग को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उनका कहना है कि भले ही स्थिति तुरंत सामान्य हो जाए, लेकिन कारोबार को पटरी पर लौटने में 4 से 6 महीने का समय लग सकता है।