लखनऊ: सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा सुशासन का प्रमुख तत्व है। विगत कुछ वर्षों के दौरान परिषदीय विद्यालयों की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। ऑपरेशन कायाकल्प से व्यापक सुधार हुआ है। इसी प्रकार स्कूल चलो अभियान के भी सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं। इस अभियान से जन जागरूकता बढ़ रही है। सरकार परिषदीय विद्यालयों और वहां प्रवेश लेने वाले बच्चों को पूरी सहायता दे रही है। ऐसे में यह अभिभावकों का दायित्व है कि वह अपने बच्चों को विद्यालय भेजें। इस क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कंपोजिट विद्यालय शिवपुर में नए सत्र के स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि नौ वर्ष में लगभग साठ लाख नए बच्चों को बेसिक शिक्षा के स्कूलों से जोड़ा गया है। कोई बच्चा पढ़ाई से वंचित नहीं होना चाहिए़। सरकार सभी बच्चों को निशुल्क दे रही है। पंद्रह अप्रैल तक यह अभियान चलेगा। उसके बाद लखनऊ में समारोह कर डीबीटी के माध्यम से पैसा अभिभावकों के खाते में भेज दिया जाएगा। अभिभावक बच्चों के लिए यूनिफॉर्म जूते मोजे आदि खरीद सकेंगे। नीति आयोग ने भी ऑपरेशन कायाकल्प को प्रशंसनीय बताया है। ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से एक लाख छत्तीस हजार से अधिक विद्यालयों को बुनियादी संसाधन उपलब्ध कराए गए। स्कूली शिक्षा पर अस्सी हजार करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। बेसिक शिक्षा के सभी विद्यालयों में बालक बालिकाओं के लिए अलग शौचालय,पेयजल की व्यवस्था की गई। इसका परिणाम है कि ड्रॉप आउट रेट उन्नीस से घटकर मात्र तीन प्रतिशत हो गई है।