बहराइच ( पयागपुर तहसील )l क्षेत्र में धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण को सुदृढ़ करने हेतु रामायण पाठ एवं राम चरित्र पर आधारित एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारने पर जोर दिया।गोष्ठी में वक्ता अयोध्या प्रसाद तिवारी ने कहा कि रामायण का केवल पाठ करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके संदेशों को अपने जीवन में धारण करना अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि राम चरित्र मनुष्य को काम, क्रोध, मद, मोह जैसे नकारात्मक भावों से दूर रहने की प्रेरणा देता है और निर्मल विवेक, वैराग्य तथा सदाचार की भावना को बढ़ावा देता है।वक्ताओं ने यह भी कहा कि यदि राम चरित्र के प्रभाव से व्यक्ति के अंदर के विकार समाप्त नहीं होते और विवेक व वैराग्य का उदय नहीं होता, तो समझना चाहिए कि रामायण के संदेश को सही ढंग से आत्मसात नहीं किया गया है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए कि वह केवल पाठ ही न करे, बल्कि उसके आदर्शों को अपने व्यवहार में भी उतारे। र्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अयोध्या प्रसाद तिवारी ज्ञान प्रकाश शुक्ला मालिक राम शर्मा सहित संगीत टोली के सुधीर तिवारी, संतोष एवं राजनारायण आदि लोग मौजूद रहे, जिन्होंने भजन एवं प्रवचन के माध्यम से कार्यक्रम को और अधिक भक्तिमय बना दिया।