बॉर्डर से सटे थाने में लंबे समय से जमे पुलिसकर्मियों पर उठ रहे सवाल

सिरसिया, श्रावस्ती। नेपाल सीमा से सटा सिरसिया थाना एक बार फिर सुर्खियों में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि थाने में कई वर्षों से एक ही जगह तैनात दरोगा, कांस्टेबल और दीवान लंबे समय से जमे हुए हैं। इनमें से कुछ कर्मी एक वर्ष से अधिक, तो कुछ 2–3 वर्षों से लगातार इसी थाने में कार्यरत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सीमा क्षेत्र होने के कारण यहां तस्करी, अवैध व्यापार और अन्य आपराधिक गतिविधियों की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में पुलिसकर्मियों का लंबे समय तक एक ही स्थान पर बने रहना पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। इस मुद्दे पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट निर्देश दे चुके हैं कि “कानून-व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीमा क्षेत्रों में विशेष सतर्कता और समय-समय पर पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण आवश्यक है, ताकि निष्पक्षता बनी रहे। वहीं, सूबे के वरिष्ठ पुलिस  अधिकारियों का भी कहना है कि संवेदनशील क्षेत्रों में लंबे समय तक तैनाती को लेकर समय-समय पर समीक्षा की जाती है। यदि कहीं अनियमितता या शिकायत मिलती है, तो तत्काल कार्रवाई की जाती है और आवश्यक होने पर स्थानांतरण एवं जांच सुनिश्चित किया है। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सीमा से जुड़े थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नियमित रोटेशन नीति लागू की जानी चाहिए।

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