बिहार में सियासी हलचल तेज, नीतीश से 12 घंटे में दो बार मिले सम्राट चौधरी

पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। राज्य में संभावित नई सरकार के गठन को लेकर गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। इसी क्रम में भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने 12 घंटे के भीतर दूसरी बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की।यह मुलाकात पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हुई, जहां आज एक अहम बैठक भी प्रस्तावित है। सूत्रों के मुताबिक, 14 अप्रैल को नीतीश कुमार राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं, जिसके बाद 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इन तारीखों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसी बीच भाजपा और जदयू के सभी विधायकों को पटना में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे सियासी गतिविधियों के और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री आवास पर होने वाली बैठक में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार, मंत्रियों की संख्या और विभागों के बंटवारे जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि अगले दो दिनों में इन सभी विषयों पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। इधर, पटना में एक और सियासी चर्चा ने जोर पकड़ लिया है।read more:https://pahaltoday.com/second-divine-power-of-navratri-mata-brahmacharini/#google_vignette  शहर में ‘निशांत कुमार’ के समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में लिखा गया है कि बिहार को “ना बुलडोजर बवाल चाहिए और ना दंगा-फसाद, बल्कि युवा जनसेवक निशांत कुमार चाहिए।” ये पोस्टर मुख्यमंत्री आवास और जदयू कार्यालय के बाहर देखे गए हैं, जिससे राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई हैं। नीतीश सरकार के अंतिम कैबिनेट बैठक मौजूदा नीतीश सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक 13 अप्रैल को होने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में भी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अगर बैठक होती है, तो उससे जुड़ा नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जा सकता है। शनिवार शाम को बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री, जिनमें विजय सिन्हा भी शामिल थे, अचानक मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे। उनके साथ मंत्री लखेंद्र पासवान भी मौजूद थे। लगभग 30 मिनट तक चली इस बैठक के बाद नेताओं ने संकेत दिए कि राज्य में जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और सभी फैसले नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लिए जाएंगे। फिलहाल, बिहार की राजनीति में बढ़ती हलचल और लगातार हो रही बैठकों ने आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत दे दिए हैं।

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