
प्रयागराज।यमुनानगर के अन्तर्गत में एक ऐसा हॉस्पिटल जो लगातार किसी न किसी कारनामे से सुर्खियों में बना रहता है चाहे वह स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों को गाली देना पत्रकारों पर रौब झाड़ना या लोगों के जीवन से खिलवाड़ करना इसके लिए आम बात हो गई है। बावजूद इसके स्वास्थ्य महकमा उस पर मेहरबान बना हुआ है। सूत्रों की माने तो पैसे के दम पर स्वास्थ्य अधिकारी पुलिस महकमा उसके बस में जिसके चलते वह लोगों पर रौब झाड़ता फिरता है और सुर्खियों में बना रहता है। ऐसा ही एक मामला रविवार को मेजारोड स्थित गौरी देवी हॉस्पिटल में देखने को मिला। मेजा थाना क्षेत्र के परानीपुर निवासी रमेश सोनकर पुत्र दुखीराम के साथ दर्जन भर महिलाओं ने थाने में लिखित शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि वह अपनी पत्नी उषा देवी के बच्चेदानी का आपरेशन कराने के लिए गौरी देवी अस्पताल में दिनांक 24 अक्टूबर 2024 को भर्ती कराया था। उसी दिन उषा देवी का आपरेशन वहाँ के चिकित्सक एन के मण्डल (बंगाली) द्वारा किया दिया गया। एक नवंबर 2024 को उषा देवी को अस्पताल से डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया। उसी समय से उषा देवी का इलाज व दवा गौरी देवी अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा लगातार किया जाता रहा है। लेकिन उषा देवी को कोई भी आराम नहीं पहुंचा। पत्नी को आराम न मिलने पर दिनांक 27 मार्च 2025 को प्रयागराज स्थित चन्द्रा स्कैन प्राइवेट लिमिटेड में अल्ट्रासाउंड कराया तो पता चला कि उषा देवी के बच्चेदानी में इन्फेक्शन होने की वजह से फोड़ा हो गया है। 28 मार्च 2025 को पीड़ित पत्नी उषा देवी के इलाज में लापरवाही की शिकायत करने गौरी देवी अस्पताल में पहुंचा तो एन के मण्डल (बंगाली) व अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा गाली गलौज करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर धमकी दी गई। कहा गया कि यहाँ से भाग जाओ वरना हाथ पैर तुड़वा देंगे हम लोगों का सीएमओ के साथ-साथ कानून भी कुछ नहीं कर सकता। पीड़ित अपनी पत्नी उषा को अक्षय अस्पताल प्रयागराज में इलाज के लिए भर्ती कराया है जहाँ पर उषा देवी की हालत गम्भीर बनी हुई है। फिलहाल इस मामले में पुलिस तहरीर लेकर जांच-पड़ताल में जुटी हुई है।