उतरौला (बलरामपुर)/उतरौला में गैस की कीमतों को लेकर फैली अफवाहों ने अब पेट्रोल संकट का रूप ले लिया है। मंगलवार से शुरू हुई यह स्थिति बुधवार तक और गंभीर हो गई, जिससे पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लग गईं। लोग घंटों लाइन में खड़े रहकर अपने वाहनों में ईंधन भरवाने की कोशिश करते रहे।अफवाहों के असर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जो लोग सामान्यतः ₹100 या ₹200 का पेट्रोल डलवाते थे, वे भी अचानक टंकी फुल कराने के लिए पंपों की ओर दौड़ पड़े। कुछ पंपों पर “पेट्रोल समाप्त” का बोर्ड भी लगाना पड़ा।सूत्रों के अनुसार, कुछ लोग अपने परिचितों या प्रभावशाली व्यक्तियों के माध्यम से पेट्रोल प्राप्त करने के लिए सिफारिशें भी करवा रहे हैं। इससे स्थिति और भी जटिल हो गई है। क्षेत्र में यह अफवाह भी तेजी से फैल रही है कि जल्द ही लॉकडाउन जैसी स्थिति बन सकती है, जिससे व्यापारी आवश्यक वस्तुओं को जमा करने में लग गए हैं।प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अफवाहों पर नियंत्रण और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते जमाखोरों और मुनाफाखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।