गाजीपुर जखनिया। क्षेत्र के परसपुर स्थित काली माता मंदिर के बगल, मुख्य सड़क मार्ग पर बुढ़ानपुर साध संगत द्वारा वार्षिक निरंकारी आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक विचारों का श्रवण किया।
सत्संग को संबोधित करते हुए वाराणसी से पधारे महात्मा सुखदेव सिंह ने कहा कि संसार में सच्ची भक्ति वही है, जो ईश्वर को जानकर की जाए। उन्होंने कहा, “बिन सत्संग विवेक न होई, राम कृपा बिन सुलभ न होई।” निरंकारी मिशन आज मानवता, भाईचारे और प्रेम का संदेश दे रहा है। इंसान को इंसान बनाने की आवश्यकता है और अपने अस्तित्व की पहचान करना ही मानव जीवन का मूल उद्देश्य है।read more:https://khabarentertainment.in/bhupendra-singh-becomes-the-new-sardar-of-lajpat-nagar-gurdwara-committee/ उन्होंने आगे कहा कि “एक को जानो, एक को मानो और एक हो जाओ” के सिद्धांत पर चलकर ही समाज में प्रेम और भाईचारा स्थापित किया जा सकता है।बहरियाबाद के मुखी महात्मा अमित सहाय ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि इस जीवन का उद्देश्य स्वयं की पहचान करना है। कार्यक्रम में मऊ, वाराणसी और आजमगढ़ सहित कई जिलों से सैकड़ों महात्माओं की उपस्थिति रही।सत्संग के दौरान कल्पनाथ, सुदामा जी,सेवाश्रय, के.के. सिंह, राजेंद्र पांडेय, काजल एवं सहयोगी, किरन, सतीश, विद्याभूषण, दीपक, मोती तथा बेचन जी सहित अन्य वक्ताओं ने भजन और विचार प्रस्तुत किए।कार्यक्रम के अंत में डॉ. कमलेश राम ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया, जबकि संचालन राजेश प्रसाद (गाजीपुर) ने किया।