आईपीईएम लॉ अकादमी में राष्ट्रीय विधि संगोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन

गाजियाबाद। आईपीईएम लॉ अकादमी में दिनांक 11 अप्रैल 2026 (शनिवार) को राष्ट्रीय विधि संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का विषय था—
“उत्पीड़न – शक्ति संबंध, विधिक ढांचा एवं शिकायत दर्ज करने में बाधाएँ”।यह आयोजन बीबीएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, प्रयागराज के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसमें देशभर से शिक्षाविदों, विधि विशेषज्ञों एवं शोधार्थियों ने सहभागिता की।संगोष्ठी का शुभारंभ डॉ. पूर्णिमा चौधरी, विभागाध्यक्ष, आईपीईएम लॉ अकादमी द्वारा स्वागत भाषण के साथ किया गया। तत्पश्चात प्रो. (डॉ.) सुगंधा गोयल, कार्यकारी निदेशक, आईपीईएम ग्रुप ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) मोनिका सैंगर, निदेशक, आईपीईएम ग्रुप ने भी अपने विचार साझा करते हुए संगोष्ठी के विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती अपर्णा यादव रहीं, जिन्होंने अपने उद्घाटन भाषण में उत्पीड़न से जुड़े सामाजिक एवं विधिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की और जागरूकता तथा सशक्तिकरण की आवश्यकता पर बल दिया।read more:https://khabarentertainment.in/former-minister-arvind-singh-gop-invited-to-the-enlightened-conference/ संगोष्ठी के मुख्य भाषण एवं विशिष्ट वक्ताओं में श्री अभिजात मिश्रा, राज्य महासचिव, भारतीय जनता पार्टी एवं पूर्व राष्ट्रीय महासचिव, भारतीय जनता युवा मोर्चा, श्रीमती नवजोत सूरी सिंघल, एसोसिएट प्रोफेसर ऑफ लॉ एवं एकेडमिक कोऑर्डिनेटर (एलएलएम), दिल्ली मेट्रोपॉलिटन एजुकेशन, श्री उमेश सूरी, अधिवक्ता, दिल्ली उच्च न्यायालय, डॉ. संतोष कुमार तिवारी, विभागाध्यक्ष, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (विधि, न्याय एवं प्रशासन विभाग), डॉ. रीमा भट्टाचार्य, एसोसिएट प्रोफेसर, जगन्नाथ विश्वविद्यालय, श्रीमती याशी मिश्रा, असिस्टेंट प्रोफेसर, बीबीएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, तथा डॉ. नमिता व्यास जोशी डीन, विधि एवं विधिक अध्ययन संकाय, नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटीने अपने विचार प्रस्तुत किए।सभी विशिष्ट अतिथियों के संबोधन के उपरांत पुस्तक विमोचन समारोह का आयोजन किया गया, जो कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण रहा।उद्घाटन सत्र का समापन संयोजक स्वाति पाल, असिस्टेंट प्रोफेसर, आईपीईएम लॉ अकादमी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। संगोष्ठी के दौरान तीन तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिनके सत्राध्यक्ष डॉ. रीमा भट्टाचार्य, श्रीमती याशी मिश्रा एवं डॉ. नमिता व्यास जोशी रहीं। इन सत्रों में विभिन्न शोधकर्ताओं ने उत्पीड़न से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। शोधार्थियों ने सामाजिक परिवर्तन, शक्ति के पदों पर आसीन व्यक्तियों से निपटने की रणनीतियों तथा विधिक उपायों पर गंभीर एवं सारगर्भित विचार रखे।समापन सत्र का आयोजन सुश्री स्वाति पाल एवं सुश्री सिमरन ढींगरा द्वारा किया गया, जिसमें उत्कृष्ट शोध कार्यों को प्रोत्साहित करने हेतु बेस्ट पेपर अवॉर्ड भी प्रदान किया गया।कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन संयोजक सिमरन ढींगरा, असिस्टेंट प्रोफेसर, आईपीईएम लॉ अकादमी द्वारा किया गया। संपूर्ण संगोष्ठी का सफल संचालन डॉ. पूर्णिमा चौधरी, विभागाध्यक्ष, आईपीईएम लॉ अकादमी द्वारा किया गया।इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्थान की फैकल्टी श्रीमती नीरज नगर, श्रीमती सोनम सिंह, मंच संचालक सुश्री आयुषी महाजन, श्रीमती श्रृंगारिका त्यागी, श्री विष्णु केशरवानी एवं श्री आकाश एम. नायर का विशेष योगदान रहा।यह संगोष्ठी विधि के क्षेत्र में उत्पीड़न से जुड़े जटिल मुद्दों पर गंभीर विचार-विमर्श का एक सशक्त एवं सार्थक मंच सिद्ध हुई।

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