आई0 टी0 एस0 कॉलेज ऑफ फार्मेसी, मुरादनगर में इंडो-गल्फ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया।

आई0 टी0 एस0 कॉलेज ऑफ फार्मेसी, मुरादनगर द्वारा एसोसिएशन ऑफ फार्मेसी प्रोफेशनल्स की गल्फ इंटरनेशनल ब्रांच के सहयोग से “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फार्मास्यूटिकल साइंसेज में वैश्विक परिदृश्य एवं उभरते रुझान” नामक शीर्षक पर इंडो-गल्फ इंटरनेशनल सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें 27 विश्वविद्यालय व 39 कॉलेज के 700 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। इस सम्मेलन में कुल ऑनलाइन व ऑफलाइन साइंटिफिक ऐब्स्ट्रैक्ट 195, ओरल प्रेजेंटेशन में 105 एवं पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता में 85 विद्यार्थियों ने भाग लिया।कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथिगण डॉ0 विमल गुप्ता, मि0 संदीप सोनी, एवं आई0 टी0 एस0 दी एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ0 आर0 पी0 चढ्डा, वाइस चेयरमैन श्री अर्पित चढ्डा, संस्थान के निदेशक डॉ0 एस0 सदीश कुमार, संस्थान की डीन डॉ0 राजकुमारी व शिक्षकगणों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया।विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ0 विमल गुप्ता, मैनेजिंग डायरेक्टर, ए0 बी0 वाई0 एस0 एस0 फार्मा प्रा0 लि0 ने अपने संबोधन में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फार्मास्यूटिकल उद्योग में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है और इससे दवाओं के विकास की प्रक्रिया अधिक तेज एवं सटीक हो रही है।कार्यक्रम में आगे मि0 संदीप सोनी, कंसल्टेंट सीएक्सओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, वीक्स हेल्थकेयर ने अपने विस्तृत संबोधन में उद्योग के दृष्टिकोण से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती भूमिका और उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में फार्मास्यूटिकल उद्योग तीव्र प्रतिस्पर्धा, उच्च अनुसंधान लागत और कम समय में बेहतर परिणाम देने की चुनौती का सामना कर रहा है, ऐसे में एआई एक सशक्त समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है।read more:https://khabarentertainment.in/dr-suresh-kumar-mishrahawamahal/ उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आने वाले समय में एआई केवल एक सहायक तकनीक नहीं रहेगी, बल्कि यह फार्मा सेक्टर की मूलभूत संरचना का हिस्सा बन जाएगी।इस अवसर पर आई0 टी0 एस0 दी एजुकेशन ग्रुप के वाइस चेयरमैन श्री अर्पित चढ्डा, ने अपने संबोधन में संस्थान के निदेशक डॉ0 एस0 सदीश कुमार, सम्मेलन के आयोजकों, विशिष्ट अतिथियों तथा देश-विदेश से पधारे सभी डेलीगेट्स एवं छात्र-छात्राओं का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन केवल संस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति के लिए सीखने और आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने अपने संबोधन में यह स्पष्ट किया कि आई0 टी0 एस0 दी एजुकेशन ग्रुप का उद्देश्य केवल किताबी शिक्षा प्रदान करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास, उनके व्यावहारिक ज्ञान और आधुनिक तकनीकों से जुड़ाव को सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस सम्मेलन के माध्यम से प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में नई जानकारियां प्राप्त होंगी, जो उनके भविष्य के करियर में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगी। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी ज्ञानवर्धक मंच पर एकतरफा संवाद का कोई विशेष महत्व नहीं होता, बल्कि वास्तविक सीख तभी संभव है जब संवाद दो-तरफा हो। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे यहां उपस्थित विशेषज्ञों, वक्ताओं और उद्योग के अनुभवी व्यक्तियों से अपने प्रश्नों को निःसंकोच साझा करें, चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लें और इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं। अंत में उन्होंने सभी का पुनः धन्यवाद करते हुए आशा व्यक्त की कि यह सम्मेलन सभी के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और भविष्य के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा।संस्थान के निदेशक डॉ0 एस0 सदीश कुमार ने अपने स्वागत संबोधन में सभी मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर के वक्ताओं, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों एवं प्रतिभागियों का हृदय से स्वागत करते हुए कहा कि इस सम्मेलन में देश-विदेश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ एक मंच पर एकत्रित हुए हैं।read more:https://khabarentertainment.in/tension-between-afghanistan-and-pakistan-is-once-again-reaching-a-dangerous-point/ वैज्ञानिक सत्रों के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों ने अत्याधुनिक तकनीकों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इसी क्रम में प्रो0 गौरव गुप्ता, अजमान यूनिवर्सिटी, अजमान, यूएई ने बताया कि पारंपरिक दवा प्रणाली (पिल्स) से डिजिटल एवं एआई आधारित फार्मेसी (पिक्सल्स) की ओर तेजी से परिवर्तन हो रहा है, जिसमें डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग और डिजिटल हेल्थ टेक्नोलॉजी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।सम्मेलन में आगे प्रो0 मैमूना अख्तर, जामिया हमदर्द, हमदर्द नगर, नई दिल्ली, ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से जटिल जैविक डेटा का विश्लेषण अधिक सटीकता और तीव्रता के साथ संभव हो पाया है, जिससे नई दवाओं की खोज, रोगों की प्रारंभिक पहचान तथा उपचार की प्रभावशीलता में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।सम्मेलन में प्रो0 पीयूष मित्तल, शारदा यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश ने भी सक्रिय भागीदारी करते हुए शोध, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करते हुए भविष्य में एक अधिक उन्नत, सटीक और रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।सम्मेलन के अंतर्गत ओरल प्रेजेंटेशन, विभिन्न प्रकार के पोस्टर प्रेजेंटेशन एवं विशेष पैनल डिस्कशन का भी आयोजन किया गया, जिसने कार्यक्रम को और अधिक ज्ञानवर्धक एवं संवादात्मक बना दिया। इस पैनल में डॉ0 पुनीत गुप्ता, मि0 पुनीत निर्मल, संबोधन के निदेशक डॉ0 एस0 सदीश कुमार एवं डॉ0 मनोज कुमार शर्मा ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में भाग लिया। इस चर्चा में प्रतिभागियों ने अपने प्रश्नों और जिज्ञासाओं को पैनलिस्ट्स के समक्ष रखा, जिनका विशेषज्ञों ने संतोषजनक एवं व्यावहारिक उत्तर दिया गया। सम्मेलन के अंतर्गत ओरल प्रेजेंटेशन व पोस्टर प्रेजेंटेशन विजेताओं को प्रतीक चिन्ह व पुरस्कार प्रदान किये गयें।अंत में सम्मेलन का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया, जिसे डॉ0 राजकुमारी द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए संस्थान के प्रबंधन, विशेष रूप से आई0 टी0 एस0 दी एजुकेशन ग्रुप के वाइस चेयरमैन श्री अर्पित चढ्डा व सभी विशिष्ट अतिथियों, वक्ताओं, पैनलिस्ट्स, आयोजकों तथा देश-विदेश से आए प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।सम्मेलन का संचालन मि0 मनीष कुमार, मिस0 साक्षी चौहान व मिस0 निधी शर्मा ने किया।

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