गाजीपुर जखनियां । स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर विवादों के घेरे में है। इस बार मामला मरीजों से कथित अवैध वसूली का है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था की पारदर्शिता और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल परिसर में बिना किसी आधिकारिक पद के एक व्यक्ति द्वारा इलाज के नाम पर मरीजों से पैसे वसूले जा रहे हैं। मामला तब और तूल पकड़ गया जब ₹800 की ऑनलाइन पेमेंट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पदुमपुर रामराय निवासी रोहित राजभर शनिवार रात करीब 10:30 बजे इलाज के लिए सीएचसी पहुंचे। पीड़ित की मां का आरोप है कि इलाज शुरू करने से पहले ₹850 की मांग की गई। मजबूरी में ₹800 ऑनलाइन भुगतान किया गया। आरोप है कि भुगतान के बाद केवल इंजेक्शन और बैंडेज कर मरीज को घर भेज दिया गया, जबकि कोई दवा भी उपलब्ध नहीं कराई गई।read more:https://pahaltoday.com/lawyers-staged-a-protest-and-submitted-a-memorandum/ मामले की जानकारी होने पर जब सीएचसी प्रभारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने आरोपों को गलत बताते हुए पैसे वापस कराने की बात कही। हालांकि उनके इस बयान के बाद कई सवाल और गहरे हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह वसूली करने वाला व्यक्ति कौन है और बिना किसी पद के अस्पताल में उसकी सक्रियता कैसे बनी हुई है। यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या यह सब जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी में हो रहा है और यदि अवैध वसूली हो रही है तो अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल परिसर में सक्रिय ऐसे दलालों को रोकने के बजाय उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों का शोषण जारी है। मामला अब मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील पाण्डेय के संज्ञान में पहुंच चुका है।जखनिया सीएचसी की यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था की साख पर बड़ा सवाल बनकर खड़ी हो गई है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या ठोस कार्रवाई करते हैं या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाता है।