औरैया बेला। कस्बे के प्राचीन काली माता मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर रविवार को श्रद्धालुओं की आस्था अपने चरम पर दिखाई दी। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया और देर शाम तक कथा स्थल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। पूरे वातावरण में भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता नजर आया।कन्नौज निवासी कथावाचक गोविन्द शास्त्री ने कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं व धर्म की महत्ता का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान की कथाएं मानव जीवन को सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं और व्यक्ति को पापों से दूर कर पुण्य के मार्ग पर अग्रसर करती हैं। कथा सुनते हुए कई श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति में लीन नजर आए।इस अवसर पर परीक्षित भूपेंद्र सिंह अपनी पत्नी स्नेहलता के साथ कथा में उपस्थित रहे और विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों व ग्रामीणों की भी बड़ी संख्या में भागीदारी रही। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी पूरे उत्साह के साथ कथा श्रवण करते दिखे।भजन-कीर्तन ने भी माहौल को भक्तिमय बनाए रखा। योगेश शुक्ला, शीलू, मुकेश, गोविन्द शुक्ला और मुकेश बाबू ने अपने सुमधुर भजनों से श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।कथा के दौरान सेवा में लगे स्वयंसेवक पूरी निष्ठा के साथ व्यवस्थाओं को संभालते नजर आए। पूरे कस्बे में धार्मिक वातावरण बना हुआ है और श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा।