खतौनी के लिए किसान भटक रहे इधर-उधर समस्या का कोई समाधान नहीं

शिकारपुर। साइट बन्द होने से लोगों को बैंक लोन से लेकर जमानत तक में परेशानी हो रही है। धर्मेंद्र कुमार, सोनू सैनी, विजेन्द्र सिंह, नरेन्द्र त्यागी, तेजवीर शर्मा नरेश गौतम दीपक चौधरी सहित दर्जनों किसान तहसील में खतौनी निकलवाने आए। किसानों को इन दोनों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 17 अप्रैल से तहसील परिसर में खतौनी बनाने की ऑनलाइन साइट लगातार बन्द पड़ी है जिसके चलते खतौनी नहीं बन पा रही है। इस वजह से न केवल किसान अपने कृषि कार्यों से संबंधित जरूरी दस्तावेज समय पर तैयार कर पा रहे हैं। बल्कि कई किसानों ने बताया कि उन्हें अपनी भूमि का विवरण बैंकों में ऋण लेने या विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जरूरी है लेकिन खतौनी न मिलने के कारण उनके आवेदन अटक गए हैं। इसके अलावा न्यायालय में जमानत प्रक्रिया के लिए भी खतौनी अनिवार्य दस्तावेजों में से एक है और कई लोगों की इसी वजह से रिहाई में भी देरी हुई है। तहसीलदार गौरव विश्नोई का कहना है कि समस्या प्रदेश स्तर पर है और इस संबंध में उच्च अधिकारियों को सूचना दी जा चुकी है तकनीकी टीम को बुलाकर प्रयास किया गया है वैसे संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही खतौनी निकलने लगेंगी लेकिन समाचार लिखे जाने तक समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं निकल पाया है।

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