आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती करने पर जोर, प्रगतिशील किसानों को किया गया सम्मान

गाजीपुर। एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजनान्तर्गत वर्ष 2025-26 के तहत आयोजित दो दिवसीय गोष्ठी का उद्घाटन नगरपालिका परिषद गाजीपुर की अध्यक्ष सरिता अग्रवाल द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। उद्घाटन के बाद उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।गोष्ठी के प्रथम दिवस आयोजित सेमिनार में उप निदेशक कृषि विजय कुमार, जिला उद्यान अधिकारी आशीष कुमार, कृषि विज्ञान केन्द्र पीजी कॉलेज के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वी.के. सिंह, वैज्ञानिक डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, वैज्ञानिक डॉ. रागिनी दूबे, कृषि विज्ञान केन्द्र आंकुशपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रामगोपाल यादव, वैज्ञानिक डॉ. शशांक सिंह, उपायुक्त उद्योग लोकेन्द्र कुमार तथा यू.पी. डास्प प्रभारी विरेन्द्र राय सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।read more:https://khabarentertainment.in/high-tech-tourism-police-station-opened-in-vrindavan-inaugurated-by-cm-yogi/
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र पीजी कॉलेज गाजीपुर के वैज्ञानिक डॉ. वी.के. सिंह ने औद्यानिक फसलों, फल एवं सब्जियों की वैज्ञानिक खेती और उनके रख-रखाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने वैज्ञानिक विधि से शाकभाजी उत्पादन, ड्रैगन फ्रूट की खेती, जैविक सब्जी उत्पादन तथा निर्यात के मानकों पर भी प्रकाश डाला और किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाकर लागत कम तथा आय बढ़ाने का आह्वान किया।
कृषि विज्ञान केन्द्र आंकुशपुर के वैज्ञानिक डॉ. शशांक सिंह ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से मशरूम उत्पादन और मधुमक्खी पालन के बारे में जानकारी दी तथा इससे होने वाली अतिरिक्त आय के बारे में विस्तार से बताया। वहीं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रामगोपाल यादव ने औद्यानिक फसलों में लगने वाले रोग एवं कीट-पतंगों की रोकथाम और आधुनिक तकनीकों की जानकारी किसानों को दी।मुख्य अतिथि ने कार्यक्रम में विभिन्न विकासखंडों से आए किसानों का स्वागत करते हुए उन्हें आधुनिक तकनीक अपनाने और पॉलीहाउस में खेती करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जरबेरा, यूरोपियन खीरा तथा लाल, पीला और हरा शिमला मिर्च का पॉलीहाउस में उत्पादन करने वाले किसानों की सराहना की गई। साथ ही विकासखंड रेवतीपुर के ग्राम पकड़ी के प्रगतिशील किसान अनूप राय द्वारा लगाए गए पिंक ताइवान अमरूद की भी प्रशंसा की गई, जिसका एक फल लगभग 800 ग्राम वजन का था।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के अंतर्गत चयनित किसानों को शाकभाजी बीज वितरित किए गए। साथ ही गोष्ठी में लगाए गए उत्कृष्ट स्टॉलों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसमें प्रथम पुरस्कार उपायुक्त स्वतः रोजगार विभाग, द्वितीय पुरस्कार बाल विकास परियोजना तथा तृतीय पुरस्कार महर्षि कर्णव फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड करंडा को प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन मृत्युंजय सिंह ने किया।

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