असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव प्रचार थमा, ‘साइलेंस पीरियड’ लागू

नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव प्रचार पर रोक लगाने के लिए ‘साइलेंस पीरियड’ लागू कर दिया है।यह अवधि मंगलवार शाम 5 बजे से शुरू हो गई, जो संबंधित क्षेत्रों में मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पहले लागू होती है। रिप्रेजेंटेशन ऑफ द प्यूपिल एक्ट 1951 की धारा 126 के तहत इस दौरान किसी भी प्रकार के चुनाव प्रचार पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। इसके अंतर्गत उम्मीदवारों द्वारा जनसभाएं, रैलियां, जुलूस, जनसंपर्क अभियान और अन्य प्रचार गतिविधियां नहीं की जा सकतीं। आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी प्रचार पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही बल्क एसएमएस, फोन कॉल और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए वोट मांगना भी प्रतिबंधित रहेगा।read more:https://pahaltoday.com/sunshine-will-prevail-in-north-india-heat-will-affect-many-states-including-delhi-and-up/  चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि बाहरी राज्यों से आए राजनीतिक पदाधिकारी और कार्यकर्ता, जो संबंधित राज्य के मतदाता नहीं हैं, वे प्रचार समाप्त होते ही क्षेत्र छोड़ दें। इस बीच, एमके स्टालिन ने पुडुचेरी को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके के अध्यक्ष स्टालिन ने कहा कि पुडुचेरी विधानसभा 14 बार राज्य का दर्जा देने का प्रस्ताव पारित कर चुकी है, लेकिन केंद्र सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। स्टालिन के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण पुडुचेरी को कई प्रशासनिक सीमाओं का सामना करना पड़ता है, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा मिलने से यहां की जनता को अधिक अधिकार और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था मिल सकेगी। चुनाव प्रचार के थमने के साथ ही अब सभी की नजरें मतदान और उसके बाद आने वाले परिणामों पर टिक गई हैं। इन राज्यों में चुनावी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए आयोग ने व्यापक इंतजाम किए हैं।

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