पहल टुडे हरिकृष्ण कश्यप कानपुर देहात जनपद में वित्तीय समावेशन, बैंकिंग सेवाओं के विस्तार एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु बैंकों की जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) एवं जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (DCC) की संयुक्त बैठक जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार कक्ष में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की उपस्थिति में आयोजित की गई। बैठक में जनपद के समस्त प्रमुख बैंकों, संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं अन्य हितधारकों की सहभागिता सुनिश्चित की गई। बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष के अंतर्गत विभिन्न बैंकिंग योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई तथा कृषि ऋण, स्वरोजगार योजनाओं, प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना की उपलब्धियों एवं लक्ष्य पूर्ति की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बैंकर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ ऋण वितरण सुनिश्चित करें तथा किसी भी स्थिति में योजनाओं के लाभ से वंचित न किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना को शासन की महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए निर्देशित किया कि नए उद्यमियों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें ऋण उपलब्ध कराया जाए तथा बैंकर्स अपनी मनमानी से ऋण स्वीकृति में अनावश्यक विलंब या अस्वीकृति न करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि 31 मार्च तक निर्धारित सभी लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा ऋण वितरण में किसी प्रकार की आनाकानी स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में ऋण-जमा अनुपात (CD Ratio) की समीक्षा के दौरान कैनरा बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक एवं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का अनुपात प्रदेश के औसत से कम पाए जाने पर जिलाधिकारी द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई तथा संबंधित बैंकर्स को निर्देशित किया गया कि वे शाखा स्तर तक योजनाओं की नियमित समीक्षा करें और ऋण वितरण में तेजी लाते हुए अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करें, अन्यथा की स्थिति में उनके विरुद्ध क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) स्तर पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में कृषि, एमएसएमई एवं अन्य उत्पादक क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाया जाना अत्यंत आवश्यक है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिले तथा जनपद के ऋण-जमा अनुपात में सुधार लाया जा सके। बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), पशुपालन एवं मत्स्य पालन योजनाओं, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के बैंक लिंकेज, लंबित ऋण प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण तथा एनपीए में कमी लाने पर भी विशेष बल दिया गया। संबंधित विभागों को बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं समयबद्ध लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अंत में जिलाधिकारी ने सभी बैंकर्स एवं अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। इस मौके पर संबंधित विभागों के अधिकारीगण, बैंकर्स आदि उपस्थित रहे।