हलिया (मिर्जापुर)। हलिया विकास खंड के अंतर्गत स्थित प्रसिद्ध गड़बड़ा शीतला धाम में वासंतिक नवरात्रि की पंचमी व लक्ष्मी पंचमी होने के कारण सोमवार सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। धाम की मान्यता है कि माता शीतला के दर्शन मात्र से ही भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। यही कारण है कि रास्ते की कठिनाइयों के बावजूद श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं । भोर में मंगल आरती के बाद जैसे ही गर्भगृह के कपाट खुले, पूरा मंदिर परिसर मां के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने मां शीतला के स्कंदमाता स्वरूप का दर्शन कर खुद को धन्य महसूस किया। नवरात्रि के पांचवें दिन श्रद्धालु सुबह चार बजे से ही मंदिर के समीप स्थित शेवटी नदी में स्नान कर पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने लगे। भक्त माला-फूल, पूड़ी-लपसी, नारियल, चुनरी, फल, मिष्ठान और जल लेकर कतारबद्ध होकर मां के चरणों में मत्था टेकते नजर आए।भारी भीड़ के बावजूद प्रशासनिक व्यवस्थाएं अपर्याप्त रहीं। वहीं व्रती महिलाएं दुर्गा सप्तशती का पाठ करती दिखाई दीं। मां शीतला के दरबार में मत्था टेककर भक्तों ने आत्मिक संतोष की अनुभूति की।दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने मेले का भी आनंद लिया। महिलाओं ने श्रृंगार सामग्री और लकड़ी से बने विभिन्न सामानों की खरीदारी की।मंदिर प्रबंधक प्रकाश चंद्र शुक्ला ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे परिसर की निगरानी की जा रही है और सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं का आवागमन जारी रहा। मंदिर पुजारी नितिन मिश्रा, प्रिंस पांडे ने बताया कि लगभग 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां शीतला के चरणों में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया।