रायबरेली -श्री गांधी इंटर कॉलेज, बेलरायां, खीरी में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा एक भव्य साइकिल रैली एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिला सशक्तिकरण, सम्मान एवं जागरूकता का संदेश प्रसारित करना था।कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक साइकिल रैली में भाग लिया। रैली को विद्यालय की सहायक अध्यापिकाएँ आकांक्षा शुक्ला एवं सोनम अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।रैली विद्यालय परिसर से प्रारम्भ होकर आसपास के क्षेत्रों से होकर गुजरी, जिसमें विद्यार्थियों ने महिला सम्मान एवं सशक्तिकरण से जुड़े संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया।रैली के उपरांत विद्यालय परिसर में एक मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसकी शुरुआत माँ सरस्वती के पूजन के साथ की गई।read more:https://pahaltoday.com/sampoorna-samadhan-diwas-was-organized-under-the-chairmanship-of-dm/
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अजय कुमार ने छात्र-छात्राओं को भारत की महान एवं प्रेरणादायक महिलाओं के जीवन, उनके संघर्ष तथा समाज के प्रति उनके महत्वपूर्ण योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण से ही समाज और राष्ट्र की वास्तविक उन्नति संभव है।विद्यालय के प्रबंधक श्री राजेश अग्रवाल ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के प्रति समाज को सदैव जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे महिला सम्मान और समानता के संदेश को समाज तक पहुँचाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।इस अवसर पर प्रधानाचार्य द्वारा विद्यालय में कार्यरत सभी अध्यापिकाओं को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने महिला सशक्तिकरण से संबंधित अपने विचार भी प्रस्तुत किए, जिससे पूरे वातावरण में उत्साह और जागरूकता का संदेश प्रसारित हुआ।कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक जनार्दन प्रसाद वर्मा,विनोद कुमार वर्मा,नवीन त्रिवेदी, विनीत मिश्रा,राजेश कुमार मौर्य, अर्चिता मिश्रा, सुरेंद्र वर्मा,कु. शीतल सिंह,मो.नईम अंसारी,अंकित कुमार,प्रवीण कुमार सहित समस्त विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा।कार्यक्रम का समापन महिला सम्मान और सशक्तिकरण के संदेश के साथ हुआ। यह आयोजन समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुआ।