पीएम मोदी पर हमले की साजिश: बक्सर से 1 गिरफ्तार, दुश्मन देशों के संपर्क में था अमन

पटना।बिहार के बक्सर जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को खतरे में डालने की साजिश रचने के आरोप में अमन तिवारी नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया है। सिमरी थाना क्षेत्र के आशा पड़री गांव का रहने वाला यह युवक कथित तौर पर विदेशी और दुश्मन देशों की सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में था। पुलिस को उसके लैपटॉप और मोबाइल फोन से ऐसे कई संवेदनशील दस्तावेज और संदेश मिले हैं, जो सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोपनीय जानकारी साझा करने और हमले की साजिश की ओर इशारा करते हैं। पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बताया कि अमन तिवारी पिछले काफी समय से संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त था। वह पैसों के लालच में विदेशी एजेंसियों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहा था कि वह वीवीआईपी सुरक्षा घेरे के बारे में गोपनीय जानकारी दे सकता है और प्रधानमंत्री की सुरक्षा को नुकसान पहुँचा सकता है।read more:https://pahaltoday.com/the-book-vijay-purush-se-rashtraphari-rajnath-singh-will-be-released/  पुलिस ने पहले अमन के साथ दो अन्य युवकों को भी हिरासत में लिया था, लेकिन गहन पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद उन दोनों को छोड़ दिया गया, जबकि अमन के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अमन तिवारी का आपराधिक इतिहास भी काफी पुराना और खतरनाक रहा है। जांच में पता चला है कि साल 2021 में भी उसे कोलकाता एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी देने के आरोप में कोलकाता और बक्सर पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया था। वह तकनीक का जानकार है और अपने लैपटॉप का उपयोग करके विभिन्न अंतरराष्ट्रीय सर्वरों के जरिए संदेश भेजता था। पुलिस ने उसके घर से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं, जिन्हें उच्च स्तरीय जांच के लिए लैब भेजा गया है। इस गिरफ्तारी के बाद से आशा पड़री गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और ग्रामीण इस बात से हैरान हैं कि उनके बीच रहने वाला एक युवक इतनी बड़ी साजिश में शामिल हो सकता है। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि अमन के साथ और कौन-कौन से लोग जुड़े हुए हैं और क्या उसे किसी विदेशी नेटवर्क से आर्थिक मदद मिल रही थी। यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसकी सूची में प्रधानमंत्री के अलावा और कौन से महत्वपूर्ण व्यक्ति निशाने पर थे। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से देख रही हैं।

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