नई दिल्ली हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे और योजनाओं की जमीनी स्तर पर प्रभावशीलता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभागों द्वारा अपनाई जा रही बेस्ट प्रैक्टिस का उद्देश्य केवल आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों, ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और आमजन को वास्तविक लाभ पहुंचाना होना चाहिए। मुख्यमंत्री चंडीगढ़ में सोमवार को राज्य सरकार के प्रमुख विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण, उद्यान, कृषि विपणन बोर्ड, विकास एवं पंचायत, सिंचाई एवं जल संसाधन तथा सहकारिता विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों और तकनीकी सुधारों की विस्तार से समीक्षा की गई।
खाद वितरण से लेकर भावांतर भरपाई तक, किसानों को योजनाओं का पूरा लाभ सुनिश्चित करें
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा उर्वरक वितरण प्रणाली (IFMS) को ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ (MFMB) पोर्टल से जोड़ने की पहल की जानकारी दी गई। इस व्यवस्था के माध्यम से केवल सत्यापित एवं पंजीकृत किसानों को ही POS मशीन के माध्यम से खाद उपलब्ध कराई जा रही है। इससे यूरिया एवं डीएपी की कालाबाजारी तथा औद्योगिक दुरुपयोग पर रोक लगाने में मदद मिली है। इस व्यवस्था के तहत 8 अक्टूबर 2025 से 14 सितंबर 2026 के बीच 820 करोड़ रुपये की सब्सिडी की बचत दर्ज की गई है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों को केवल कार्यालयों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि वे नियमित रूप से खेतों में जाकर किसानों से संवाद करें और फसलों में लगने वाले कीट एवं रोगों, विशेषकर सुंडी आदि की समस्या कहां से शुरू हुई, इसके कारणों और समाधान पर वैज्ञानिक स्तर पर रिसर्च करें। उन्होंने कहा कि फसलों में कीट एवं रोगों की समय रहते पहचान कर किसानों को आवश्यक जानकारी और समाधान उपलब्ध कराई जाए । इस व्यवस्था का प्रभावी उपयोग बड़े कृषि क्षेत्रों में भी सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों को समय रहते फसलों में लगने वाले कीटों की समस्या के प्रति आगाह करने के लिए ई-पेस्ट सर्विलांस सिस्टम विकसित किया जाए।मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में नई तकनीक और नई फसल किस्मों पर अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष रिसर्च सेंटर स्थापित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस केंद्र में गन्ने सहित अन्य कृषि फसलों की नई एवं बेहतर वैरायटी विकसित करने तथा उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाने पर रिसर्च की जाए। कृषि अनुसंधान को खेतों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ा जाए, ताकि किसानों को इसका सीधा लाभ मिल सके।हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) द्वारा संचालित मुख्यमंत्री किसान एवं खेतीहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिस भी बीमा एजेंसी के माध्यम से किसानों का बीमा किया जा रहा है, वह यह सुनिश्चित करे कि पात्र किसान को पूरा देय बीमा लाभ मिले और वास्तविक नुकसान की भरपाई हो। अधिकारियों को योजना की प्रभावी निगरानी के निर्देश भी दिए गए।उद्यान विभाग की भावांतर भरपाई योजना (BBY) की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के तहत किसानों को उनकी पात्रता के अनुसार पूरी पेमेंट मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भावांतर योजना के तहत शामिल फसलों की वास्तविक उपज, उनकी बिक्री और मंडी में हुई बिक्री का प्रभावी सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए फसल की मैपिंग और वेरिफिकेशन मेथाडोलॉजी को और मजबूत किया जाए, ताकि यह स्पष्ट रूप से पता चल सके कि जिस फसल के लिए भावांतर का लाभ दिया जा रहा है, उसका उत्पादन हुआ है या नहीं और वह मंडी में बिकी है या नहीं। उन्होंने सत्यापन की प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।है। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए।read more:https://pahaltoday.com/villagers-upset-over-garbage-dumping-staged-a-protest-at-the-district-collectorate/
अटल लाइब्रेरी से ग्रामीण युवाओं तक, स्वस्थ और आत्मनिर्भर गांवों पर जोर
विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों और युवाओं को बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई अटल लाइब्रेरी पहल की भी समीक्षा की गई। प्रथम चरण में 996 अटल लाइब्रेरी स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि दूसरे चरण में 86.6 करोड़ रुपये के बजट से 1,000 नई अटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अटल लाइब्रेरियों की इमारतों एवं ग्राम सचिवालयों पर सोलर पैनल लगाने की संभावनाओं को प्राथमिकता से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में बन रही 1,000 नई लाइब्रेरियों में से 500 नई लाइब्रेरियों का 25 दिसंबर 2026 को सुशासन दिवस के अवसर पर उद्घाटन किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इन लाइब्रेरियों में बच्चों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के अधिक से अधिक बच्चे इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार और डेयरी फार्मिंग से जोड़ने के लिए शामलात देह भूमि पर डेयरी योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को डेयरी गतिविधियों से अधिक से अधिक जोड़ा जाए। इससे महिलाओं को स्वरोजगार मिलेगा और गांवों में दूध का उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाला दूध उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि डेयरी का कार्य करने के इच्छुक स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को VB-GRAMG योजना के तहत कवर किए गए शेड भी बनाकर उपलब्ध करवाए जाएं। योजना के तहत पांच वर्ष के पट्टे पर न्यूनतम दर पर भूमि उपलब्ध कराई जा रही है। इसके तहत 1,000 रुपये प्रति 100 वर्ग गज प्रति वर्ष की दर निर्धारित है और अब तक 1,005 आवेदन प्राप्त हुए हैं।ग्रामीण युवाओं में फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण इंडोर जिम की स्थापना की जा रही है। अब तक 468 इंडोर जिम स्थापित किए जा चुके हैं, इसके अतिरिक्त 234 और इंडोर जिम स्थापित करने के आदेश जारी किए गए हैं।
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