किरतपुर । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जिला अधिकारी का प्रस्तावित दौरा रद्द हो जाने के बाद स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों ने राहत की सांस ली और चल रहे सफाई अभियान को भी रोक दिया। इसके चलते स्वास्थ्य केंद्र के सामने वाले हिस्से में तो सफाई कर दी गई, लेकिन पीछे की ओर अब भी कूड़े के अंबार लगे हुए हैं। इससे मच्छरों की भरमार हो गई है और बीमारी फैलने की आशंका जताई जा रही है।बीते मंगलवार को नगर के सीएचसी में जिला अधिकारी जसजीत कौर के दौरे की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य केंद्र का स्टाफ काफी सक्रिय हो गया था। केंद्र परिसर में सफाई अभियान चलाकर व्यवस्था दुरुस्त करने का प्रयास किया गया और अभिलेखों की जांच भी पहले ही पूरी कर ली गई थी। लेकिन जैसे ही जिला अधिकारी के दौरे के रद्द होने की सूचना मिली, सफाई अभियान को बीच में ही रोक दिया गया और स्टाफ ने राहत की सांस ली।दौरे से पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने के हिस्से में तो सफाई कर दी गई, लेकिन पीछे की तरफ आज भी कई जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। ऐसे में जहां रोजाना मरीजों का आना-जाना रहता है, वहां संक्रमण और बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। सवाल यह भी उठता है कि जब स्वास्थ्य केंद्र जैसे संवेदनशील स्थान पर ही इतनी गंदगी है, तो आम जगहों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
गौरतलब है कि किरतपुर का सरकारी अस्पताल इन दिनों अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चाओं में बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारी अक्सर निरीक्षण की सूचना मिलने पर ही विभागीय कमियों को दूर करने की कोशिश करते हैं और निरीक्षण के दौरान औपचारिक रूप से कागजी कार्यवाही पूरी कर दी जाती है।अब सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसे अधिकारियों को जिम्मेदारी का एहसास कैसे दिलाया जाएगा। क्या उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्ट और लापरवाह अधिकारियों के चलते व्यवस्थाओं को इसी तरह चलने देगी, या फिर इस ओर कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे?