ललितपुर। एसडीपीएस इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 10 के विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों के लिए एक महत्वपूर्ण ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और अभिभावकों को सीबीएसई द्वारा लागू की गई कक्षा 10 की डुअल बोर्ड परीक्षा नीति (Dual Board Examination Policy) तथा परीक्षा से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देशों की जानकारी प्रदान करना था।केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 10 के विद्यार्थियों के हित में डुअल बोर्ड परीक्षा नीति लागू करने की योजना बनाई गई है। इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए दो अवसर प्रदान करना है, ताकि यदि किसी कारणवश पहली परीक्षा में अपेक्षित परिणाम न मिल पाए तो विद्यार्थी दूसरी परीक्षा देकर अपने अंकों में सुधार कर सकें।इस नीति के अंतर्गत विद्यार्थियों को एक ही शैक्षणिक सत्र में दो बार बोर्ड परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। पहली परीक्षा सामान्य रूप से निर्धारित समय पर आयोजित की जाएगी, जबकि दूसरी परीक्षा कुछ समय बाद आयोजित होगी, जिसे सुधार (Improvement) या द्वितीय अवसर परीक्षा के रूप में देखा जाएगा। विद्यार्थी यदि पहली परीक्षा में संतुष्ट हैं तो उन्हें दूसरी परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन यदि वे अपने अंक सुधारना चाहते हैं तो वे पुनः परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।इस व्यवस्था से विद्यार्थियों पर परीक्षा का दबाव कम होगा और उन्हें अपनी तैयारी को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा। साथ ही यह प्रणाली विद्यार्थियों को तनावमुक्त वातावरण में अध्ययन करने और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने के लिए प्रेरित करेगी।इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य जॉन अरूनेश लाल ने अपने संबोधन में कहा कि कक्षा 10 विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने बताया कि सीबीएसई की नई डुअल बोर्ड परीक्षा नीति के अनुसार विद्यार्थियों को वर्ष में दो बार परीक्षा देने का अवसर प्राप्त होगा, जिससे वे अपने परिणाम को और बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम और आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।विद्यालय के चेयरमैन कमलेश चौधरी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना ही नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का समग्र विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि विद्यालय सदैव विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और उचित मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।